मध्यप्रदेश: कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा में अब राहुल गांधी की एंट्री होने जा रही है। वे मालवा में जीतू पटवारी के नेतृत्व में निकाली जा रही जन आक्रोश यात्रा में शामिल होंगे। राहुल गांधी 30 सितंबर को शाजापुर जिले के कालापील में जन आक्रोश यात्रा में पहुचेंगे। वे यहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कांग्रेस ने राहुल गांधी के इस एमपी दौरे की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
बता दें कि ये पहला मौका होगा, जब 2023 के विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी प्रचार की कमान संभालेंगे। इसके पहले राहुल गांधी को शहडोल आना था, लेकिन उनका ये दौरा रद्द हो गया था। अब राहुल गांधी कालापीपल विधानसभा में आमजन के बीच पहुंचकर अपनी बात रखेंगे। राहुल गांधी के इस दौरे को विधानसभा चुनाव की नजर से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वर्तमान में कुणाल चौधरी यहां से कांग्रेस विधायक हैं। जीतू पटवारी की जन आक्रोश यात्रा में राहुल के शामिल होने की खबर से एक बार फिर सियासी गलियारो में जीतू के कद बढ़ने की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। मालवा-निमाड़ अंचल को प्रदेश में सत्ता का द्वार कहा जाता है। इस इलाके में जिसने बढ़त बना ली, प्रदेश में सरकार भी उसी की बनती है। इस बार भाजपा और संघ इस इलाके पर अत्यधिक ध्यान दे रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस भी इस क्षेत्र में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसीलिए राहुल गांधी का दौरों की शुरुआत मालवा से की जा रही है।
मालवा में सीटों की स्थिति
मालवा की 38 सीटों पर ज्यादातर भाजपा का ही कब्जा है। इस क्षेत्र से भाजपा के 24 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 13 और एक निर्दलीय विधायक है। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने 38 में से 18 सीटों पर अपना कब्जा किया था, जबकि 19 सीटें भाजपा की झोली में आई थीं लेकिन 2020 में राजनीतिक उठा पटक के बाद सिंधिया और उनके समर्थक विधायक मंत्री कांग्रेस से भाजपा में शामिल हो गए थे, इसके बाद उपचुनाव होने पर बीजेपी की सीटों में इजाफा हो गया था। 19 सीटों से बढ़कर भाजपा यहां पर 24 सीटों पर पहुंच गई थी।
