उत्तरप्रदेश : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अनुषांगिक संगठन लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की राह के कील कांटे दूर करेंगे। संघ के सह सर कार्यवाह अरुण कुमार की मौजूदगी में हुई संघ, भाजपा, प्रदेश सरकार और अनुषांगिक संगठनों की बैठक में तय एजेंडे के बाद इसकी कवायद शुरू हो गई है।
राजधानी में 19 सितंबर को यह मैराथन समन्वय बैठक चली थी। इसमें अनुषांगिक संगठनों ने समस्याएं रखने के साथ जमीनी फीडबैक भी दिया था। बैठक में हुए निर्णय के तहत एबीवीपी छात्रों के बीच, लघु उद्योग भारती लघु उद्यमियों के बीच, सेवा भारती बस्तियों में, शैक्षिक महासंघ शिक्षकों के बीच, विहिप और बजरंग दल सामाजिक संगठनों, किसान संघ किसानों और अधिवक्ता परिषद वकीलों के बीच केंद्र सरकार के पक्ष में माहौल बनाएंगे।
अनुषांगिक संगठन ग्रामीण और शहरी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों की जानकारी देकर नाराजगी दूर करने का भी प्रयास करेंगे। संघ की कोशिश है कि चुनाव नजदीक आते-आते भगवा चुनावी माहौल तैयार हो जाए।
सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में करेंगे मदद
सीएम योगी आदित्यनाथ ने समन्वय बैठक में अनुषांगिक संगठनों के जरिये सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने, लाभार्थियों से संवाद करने और नीचे तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का सुझाव दिया था। सूत्रों के मुताबिक सहकार भारती, लघु उद्योग भारती, विद्या भारती, एबीवीपी, विहिप, बजरंग दल सहित सभी संगठन इस पर काम करेंगे।
मंत्रियों-सांसदों को व्यवहार सुधारने की सलाह
सूत्रों का कहना है कि समन्वय बैठक में कुछ सांसदों और मंत्रियों के जनता के साथ व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई गई थी। सांसद और मंत्रियों की ओर से काडर के कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर समानांतर टीम तैयार करने जैसी शिकायतें भी मिली थीं। अनुषांगिक संगठनों के फीडबैक के बाद अब सांसदों और मंत्रियों को अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार सुधारने को कहा जाएगा।
बैठक में जिन विभागों से जुड़ी समस्याएं बताई गईं थी उनके समाधान के लिए संबंधित मंत्री को भी सरकार और भाजपा प्रदेश मुख्यालय की ओर से निर्देशित किया जा रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कहना है कि समन्वय बैठक में हुए निर्णयों पर कार्यवाही की जा रही है।
