सिक्किम में अचानक आई बाढ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। मृतकों में सेना के 9 जवान भी शामिल हैं। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 105 अभी भी लापता हैं। अभी तक 2563 लोगों को बचाया गया है और 6847 लोगों को 28 राहत शिविरों में रखा गया है। आपदा के कारण 1320 मकान भयानक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सिक्किम में सेना की त्रिशक्ति कोर के जवान लापता सैनिकों की तलाश कर रहे हैं। 4 अक्टूबर को हुई दुर्घटना के बाद लापता 23 में से एक सैनिक को जीवित सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि बरामद किए गए 8 शवों की अब तक पहचान की जा चुकी है। बाकी लापता जवानों की तलाश जारी है।
त्रिशक्ति कोर उत्तरी सिक्किम के लाचेन, लाचुंग, थांगू और चुंगथांग इलाकों में फंसे हुए एक हजार सात सौ पर्यटकों को भी सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्हें खाने-पीने के समान, चिकित्सा सहायता और संचार सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। खराब मौसम के बीच सेना पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
राज्य में प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति के मूल्यांकन के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत अंतर मंत्रालय केन्द्रीय दल कल रात गंगटोक पहुंचा।
