ब्लड में क्लॉटिंग होना बेहद खतरनाक होता है. इसके पीछे कुछ बीमारियां भी होती हैं और हमारी बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल भी. आर्टरीज में ब्लड का क्लॉट शरीर में कहीं भी जा सकता है और जब ये हार्ट या ब्रेन में पहुंचता है तभी सबसे ज्यादा खतरा होता है.
कई बार लोगों को पता भी नहीं होता कि उनके शरीर में क्लॉटिंग हो रही है. हालांकि कुछ संकेत जरूर शरीर से मिल रहे होते हैं लेकिन कई बार इसे लोग नजर अंदाज कर देते हैं. बता दें कि जब आर्टरीज यानी धमनी में थक्का जमता है तो इसे आर्ट्रियल थ्रॉम्बोसिस कहते हैं. यह काफी खतरनाक होता है.तो चलिए जान लें कि शरीर में अगर ब्लड क्लॉट होता है तो क्या संकेत मिलते हैं और इन क्लॉटिंग को कैसे नेचुरल तरीके से डिजॉल्व यानी ब्लड में घोला जा सकता है.
ब्लड क्लॉटिंग पर दिखते हैं कुछ ऐसे लक्षण
सूजन
सबसे पहला लक्षण आपको ब्लड क्लॉटिंग का पैरों में दिख सकता है. पैर में सूजन होना ये एक संकेत है. कई बार हाथ में भी ये सूजन हो सकती है. ब्लड क्लाटिंग होने पर पैरों में दर्द और भारीपन भी महसूस होता है. कई बार ऐसा भी होता है कि क्लॉट हट जाते हैं लेकिन सूजन या दर्द बनी रहती है क्योंकि क्लॉट से ब्लड वेसेल्स के डैमेज हो गई होती है. क्लॉट का एक संकेत पैर या हाथ का नीला पड़ना भी होता है. ब्लड वेसेल्स के डैमेज से आपकी स्किन का रंग बदला दिखेगा।
दर्द
अगर आपके सीने में दर्द हो रही या भारीपन और सांस लेने में अचानक से दिक्क्त महसूस हेा तो ये भी क्लॉटिंग का संकेत हो सकता है. कई बार यह साइलेंट हार्ट अटैक का ये लक्षण भी होता है. अगर सीने में दर्द के साथ ही आपके बाएं हाथ या कंधे में भी दर्द हो रहा तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
ब्लड क्लॉट का खतरा कब और किसे ज्यादा है
प्रेग्नेंसी में ब्लड क्लॉटिंग का खतरा रहता है.
लंबे समय तक बैठे रहने वाले या बेड रेस्ट करने वालों में खतरा ज्यादा.
जो लोग स्मोकिंग या शराब ज्यादा पीते हैं.
मोटे लोगों में भी ब्ल्ड क्लॉट का खतरा ज्यादा
हाई कोलेस्ट्रॉल वालों को भी डर रहता है
हार्ट एरिदिमिया जिन्हें हो उनके लिए भी खतरा है.
डीप वेन थ्रॉम्बॉसिस की समस्या भी इसी से जुड़ी है
कोविड संक्रमित लोगों में भी खतरा
