मुंबई: एनसीपी और बीजेपी के बीच सन 2004 में ही गठबंधन हो रहा था, लेकिन स्व. प्रमोद महाजन के कारण नहीं हो सका। उसके बाद कई बार ऐसे अवसर आए, जब एनसीपी और बीजेपी के बीच गठबंधन होने वाला था, लेकिन हर बार अजित पवार को दोषी ठहराकर मामला रफा-दफा कर दिया गया। बार-बार शरद पवार भूमिका बदलते रहे। यह दावा एनसीपी के कोषाध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पार्टी की कर्जत में चल रही दो दिवसीय चिंतन बैठक में किया। एनसीपी में बिखराव के बाद पहली बार अजित गुट रायगड के कर्जत में दो दिवसीय चिंतन बैठक कर रहे हैं। बैठक में अजित गुट के नेताओं ने साफ कर दिया कि शरद पवार के साथ लड़ने के लिए उनकी पूरी तैयारी है। इस मौके पर प्रफुल्ल पटेल और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने एनसीपी के इतिहास में दफन कई राज उजागर किए। उन्होंने कहा कि अजित पवार को कई बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर आया, लेकिन हर बार ‘ऊपर’ से भूमिका बदल दी गई। शरद पवार का नाम लिए बिना पटेल ने कहा कि 2004 के लोकसभा चुनाव में हम बीजेपी के साथ गठबंधन करने जा रहे थे, लेकिन बीजेपी नेता प्रमोद महाजन की वजह से गठबंधन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, जसवंत सिंह के निर्देश पर ऐसा किया गया। लेकिन महाजन को लगा कि उनकी राजनीतिक अहमियत कम हो जाएगी, इसलिए बालासाहेब ठाकरे को जानकारी लीक कर दी।
बालासाहेब ठाकरे आलोचना करने लगे और एनसीपी-बीजेपी का गठबंधन नहीं हो सका। पटेल ने आगे कहा कि दिल्ली में हमारे आवास पर हुई बैठक की जानकारी प्रमोद महाजन को नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी बहुत सारी जानकारियां हैं, जिन्हें वे भविष्य में किताब लिखेंगे तो, सार्वजनिक करेंगे।
दादा के सीएम बनने के कई अवसर आए: तटकरे
चिंतन बैठक में सुनील तटकरे ने कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन करने के लिए हर बार अजित दादा को आगे किया गया, लेकिन कदम पीछे खींचकर अजित दादा को दोषी ठहराया गया। तटकरे ने बताया कि सन 2014 के पूरे चुनाव नतीजे आने से पहले ही इसी रायगड में एक बैठक हुई, जिसमें बीजेपी को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का निर्णय लिया गया। इसी तरह से 2019 में अजित दादा को आगे कर शपथ दिलाई गई, लेकिन बाद में हाथ खींच लिया गया। इस पूरे मामले में दादा को विलेन ठहराया गया। तटकरे ने कहा कि प्रदेश में ऐसे मौके कई बार आए, जब अजित दादा को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता था, लेकिन हर बार उन्हें साइड कर दिया गया।
‘मोदी के नेतृत्व में काम करेंगे’
पत्रकारों से बात करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि दो दिवसीय चिंतन बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की भी बैठक हुई। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पटेल ने कहा कि हम एनडीए के साथ हैं। हम लोगों ने अजित दादा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया है। मोदी के नेतृत्व में देश का विकास तेजी से हो रहा है, जिसे देश और दुनिया देख रही है। उन्होंने कहा कि अजित दादा स्पष्टवादी हैं, जो बोलते है साफ बोलते हैं। दादा को मजबूत बनाना है।
अजित और शरद पवार की मुलाकात पर कही यह बात
पटेल ने कहा कि एनसीपी के विधायकों की अपात्रता की लड़ाई चल रही है। जिस तरह से विधानसभा, चुनाव आयोग में हम लोग लड़ रहे हैं, वैसे ही लोकसभा में भी मजबूती के साथ लड़ेंगे। जब उनसे अजित पवार और शरद पवार के बीच बार-बार मुलाकात के बारे में पूछा गया तो पटेल ने साफ किया कि दादा कोई गोपनीय मुलाकात नहीं कर रहे हैं। त्योहार और उत्सव में ही मिल रहे हैं, जिसमें पूरा पवार परिवार शामिल होता है।
