FEATURED देश चाणक्य नीति:- व्यवहार कुशल बनें Lok Swaraj24 March 27, 2024 Spread the love सकुले योजयेतकन्या पुत्रं विद्यासु योजयेत | व्यसने योजयेच्छुत्रुं मित्रं धर्मे नियोजयेत || यहाँ आचार्य चाणक्य व्यावहारिकता की चर्चा करते हुए कहते हैं कि कन्या का विवाह किसी अच्छे घर में कराना चाहिए, पुत्र को पढ़ाई-लिखाई में लगा देना चाहिए, मित्र को अच्छे कार्यों में तथा शत्रु को बुराइयों में लगा देना चाहिए| यही व्यावहारिकता है और समय की मांग भी | आशय यह है कि कुशल व्यक्ति वही है, जो बेटी के विवाह ‘योग्य होते ही उसका विवाह देख-भालकर किसी अच्छे खानदान में कर दे और बेटे को अधिक-से-अधिक शिक्षा दे | ताकि वह अपने जीवन में आजीविका की दृष्टि से आत्मनिर्भर बन सके | मित्र को मेहनत-परिश्रम, ईमानदारी की सीख दे ताकि सदपरामर्श से वह आपना जीवन सुधार सके और किसी अच्छे काम में लग जाए, किन्तु दुश्मन को बुरी आदतों का शिकार बना दे ताकि वह उसमें उलझकर आपको अनावश्यक रूप से तंग न करे | Post navigation Previous बाल्टीमोर हादसे में लापता छह लोगों की मृत मान लिया गया, तलाशी अभियान समाप्त, बाइडेन ने दुख जतायाNext देवेन्द्र यादव बिलासपुर से लोकसभा प्रत्याशी, समर्थकों ने जमकर की आतिशबाजी Related Stories जर्मनी ने इजराइल को 800 मिलियन यूरो के हथियार निर्यात की दी मंज़ूरी FEATURED विदेश जर्मनी ने इजराइल को 800 मिलियन यूरो के हथियार निर्यात की दी मंज़ूरी September 4, 2026 जन्माष्टमी के अवसर पर नेपाल के राष्ट्रपति ने पाटन के कृष्ण मंदिर में की पूजा-अर्चना FEATURED विदेश जन्माष्टमी के अवसर पर नेपाल के राष्ट्रपति ने पाटन के कृष्ण मंदिर में की पूजा-अर्चना September 4, 2026 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की संकल्प पूर्ति में अग्रणी भूमिका निभाएगा मध्य प्रदेश : मोहन यादव FEATURED देश इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की संकल्प पूर्ति में अग्रणी भूमिका निभाएगा मध्य प्रदेश : मोहन यादव September 4, 2026