देश चाणक्य नीति:- वाणी में मधुरता लाएं Lok Swaraj24 April 24, 2024 Spread the loveको हि भार: समर्थानां किं व्यवसायिनाम | को विदेश सुविधानां को पर: प्रियवादिनाम || आचार्य चाणक्य यहाँ मधुरभाषिता को व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण गुण बताते हुए कहते हैं कि सामर्थ्यवान व्यक्ति को कोई वस्तु भारी नहीं होती | व्यापारियों के लिए कोई जगह दूर नहीं होती | विद्वान के लिए कहीं विदेश नहीं होता | मधुर बोलनेवाले का कोई पराया नहीं होता | अभिप्राय यह है कि समर्थ व्यक्ति के लिए कौन-सी वस्तु भी भारी होती है | वह अपनी सामर्थ्य के बल पर कुछ भी कर सकता है | व्यापारियों के लिए दूरी क्या? वह वस्तु व्यापार के लिए कहीं भी जा सकता है |विद्वान के लिए कोई-सा देश-विदेश नहीं क्योंकि अपने ज्ञान से वह सभी जगह अपने लिए वातावरण बना लेगा | मधुर बोलनेवाले व्यक्ति के लिए कोई पराया नहीं क्योंकि मधुरभाषिता से वह सबको अपना बना लेता है | Post navigation Previous शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों ने किया डाक मतपत्र से मतदानNext प्रधानमंत्री मोदी कड़ी सुरक्षा के बीच अंबिकापुर रवाना Related Stories युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत यादव राव जोशी देश युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत यादव राव जोशी September 3, 2026 हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में खरगे ने नड्डा को लिखा पत्र, 24 दिन बाद भी एफआईआर नहीं होने पर जताई नाराजगी FEATURED देश हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में खरगे ने नड्डा को लिखा पत्र, 24 दिन बाद भी एफआईआर नहीं होने पर जताई नाराजगी September 3, 2026 नितिन नवीन ने महानायक उत्तम कुमार को उनकी जन्म शताब्दी पर दी श्रद्धांजलि FEATURED देश नितिन नवीन ने महानायक उत्तम कुमार को उनकी जन्म शताब्दी पर दी श्रद्धांजलि September 3, 2026