वर्धा । महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने मुंबई विश्वविद्यालय के मुंबई स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एण्ड पब्लिक पॉलिसी के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संपूर्ण मानव समाज की गतिविधि अर्थ के अधीन चल रही है। वर्तमान समय में आत्मनिर्भर अर्थशास्त्र का दौर आया है और इस रास्ते पर पूरी दुनिया चल पडी है। हमें समग्र विकास के लिए सुक्ष्म और ग्राम केंद्रित माडल को देखने की जरूरत है। विश्वविद्यालय में बुधवार, 21 दिसंबर को शैक्षिक भ्रमण पर आए अध्यापक और विद्यार्थियों का स्वागत समारोह कुलपति प्रो. शुक्ल की अध्यक्षता में गालिब सभागार में आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर मुंबई स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एण्ड पब्लिक पॉलिसी की डॉ. मेधा कुलकर्णी तापियावाला, प्रो. सुरेश मैंद, साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार तथा अनुवाद एवं निर्वचन विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. कृष्ण कुमार सिंह मंचासीन थे। प्रो. शुक्ल ने मातृभाषा की महत्ता को प्रतिपादित करते हुए कहा कि ज्ञान के प्रसार में मातृभाषा महत्वपूर्ण विकल्प है। अपनी भाषा में अनुसंधान करने की अपील करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसीत टूल्स की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय हिंदी माध्यम से विभिन्न अनुशासनों में अध्यापन कराने वाला देश महत्वपूर्ण संस्थान है।
कार्यक्रम में डॉ. मेधा कुलकर्णी ने मराठी भाषा में कविता प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने मातृभाषा के महत्व पर खुलकर चर्चा की। इस अवसर पर प्रो. प्रीति सागर, डॉ. रामानुज अस्थाना, डॉ. ओमप्रकाश भारती, डॉ. एच. ए. हुनगुंद, डॉ. के. बालराजु, रशिद पठान, विनेश काकडे, आदि सहित शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
