नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश में कोरोना वायरस की स्थिति पर उच्च स्तरीय बैठक की। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक के बाद पीएम मोदी ने लोगों से मास्क पहनने के साथ-साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने अपील की है। उन्होंने जीनोम सीक्वेंसिंग और कोविड टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर दिया।
इसके अलावा उन्होंने बुजुर्गों और बीमार लोगों को बूस्टर डोज (एहतियात खुराक) लेने की अपील की है। इस दौरान पीएम ने फ्रंटलाइन वर्कर्स और कोरोना योद्धाओं की निस्वार्थ सेवा की सराहना भी की।
उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और सभी राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिव शामिल हुए। इस दौरान कोरोना के नए वैरिएंट के खिलाफ लड़ाई के एक्शन प्लान पर चर्चा हुई।
पीएमओ कार्यालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई कि 22 दिसंबर 2022 को समाप्त सप्ताह में भारत में मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है, औसत दैनिक मामले 153 तक गिरे हैं और साप्ताहिक सकारात्मकता 0.14% तक हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया कि सभी स्तरों पर संपूर्ण कोविड बुनियादी ढांचा, उपकरण, प्रक्रियाओं और मानव संसाधन के मामले में तैयारियों के उच्च स्तर बने रहे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को बताया गया कि दवाओं, टीकों और अस्पताल के बेड के संबंध में पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और कीमतों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, PM मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर चल रहे निगरानी उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्यों को ऑक्सीजन सिलेंडर, पीएसए संयंत्रों, वेंटिलेटर और मानव संसाधन सहित अस्पताल के बुनियादी ढांचे से संबंधित कोविड विशिष्ट सुविधाओं का लेखाजोखा करने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री ने सभी से हर समय कोविड के उपयुक्त व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया। विशेष रूप से आगामी त्योहारी मौसम को देखते हुए उन्होंने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
