देश चाणक्य नीति:- समय की सूझ Lok Swaraj24 May 22, 2024 Spread the love उपसग्रेन्यचक्रे च दुर्भिक्षे च भयावहे | असाधुजनसंपर्के पलायती स जीवति || आचार्य चाणक्य यहां समय की सूझ की चर्चा करते हुए कहते हैं – उपद्रव या लड़ाई हो जाने पर, भयंकर अकाल पड़ जाने पर और दुष्टों का साथ मिलने पर भागजाने वाला व्यक्ति ही जीता है | आशय यह है कि कहीं पर भी अन्य लोगों के बीच में लडाई – झगड़ा, दंगा फसाद हो जाने पर, भयंकर अकाल पड़ जाने पर और दुष्ट लोगों के संपर्क में आ जाने पर उस स्थान को छोड़कर भाग खड़ा होने वाला व्यक्ति अपने को बचा लेता है | ऐसी जगहों से भाग जाना ही सबसे बड़ी समझदारी है | Post navigation Previous कांग्रेस ने देश को बर्बाद किया और जंगलराज वालों ने बिहार को अपराध का फैक्ट्री बनाया:नरेन्द्र मोदीNext रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का 17वें साल भी टूटा आईपीएल खिताब जीतने का सपना Related Stories शास्त्र और शस्त्र के महानायक: भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव देश शास्त्र और शस्त्र के महानायक: भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव April 19, 2026 परशुराम जन्मोत्सव से गंगा अवतरण तक: अक्षय तृतीया का दिव्य इतिहास देश परशुराम जन्मोत्सव से गंगा अवतरण तक: अक्षय तृतीया का दिव्य इतिहास April 19, 2026 इतिहास के पन्नों में 20 अप्रैल : क्रूरतम तानाशाह ‘एडोल्फ हिटलर’ का जन्मदिन FEATURED देश इतिहास के पन्नों में 20 अप्रैल : क्रूरतम तानाशाह ‘एडोल्फ हिटलर’ का जन्मदिन April 19, 2026