देश चाणक्य नीति:- समय की सूझ Lok Swaraj24 May 22, 2024 Spread the love उपसग्रेन्यचक्रे च दुर्भिक्षे च भयावहे | असाधुजनसंपर्के पलायती स जीवति || आचार्य चाणक्य यहां समय की सूझ की चर्चा करते हुए कहते हैं – उपद्रव या लड़ाई हो जाने पर, भयंकर अकाल पड़ जाने पर और दुष्टों का साथ मिलने पर भागजाने वाला व्यक्ति ही जीता है | आशय यह है कि कहीं पर भी अन्य लोगों के बीच में लडाई – झगड़ा, दंगा फसाद हो जाने पर, भयंकर अकाल पड़ जाने पर और दुष्ट लोगों के संपर्क में आ जाने पर उस स्थान को छोड़कर भाग खड़ा होने वाला व्यक्ति अपने को बचा लेता है | ऐसी जगहों से भाग जाना ही सबसे बड़ी समझदारी है | Post navigation Previous कांग्रेस ने देश को बर्बाद किया और जंगलराज वालों ने बिहार को अपराध का फैक्ट्री बनाया:नरेन्द्र मोदीNext रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का 17वें साल भी टूटा आईपीएल खिताब जीतने का सपना Related Stories रामदास आठवले ने श्रमिकों को वितरित किए ‘नमस्ते’ व ‘आयुष्मान’ कार्ड FEATURED देश रामदास आठवले ने श्रमिकों को वितरित किए ‘नमस्ते’ व ‘आयुष्मान’ कार्ड September 4, 2026 अखिल भारतीय बचाव एवं पुनर्वास अभियान के दौरान एनसीपीसीआर ने बाल श्रम से 3800 से अधिक बच्चों को बचाया। FEATURED देश अखिल भारतीय बचाव एवं पुनर्वास अभियान के दौरान एनसीपीसीआर ने बाल श्रम से 3800 से अधिक बच्चों को बचाया। September 4, 2026 हिरासत में युवक की यातना का आरोप, मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग FEATURED देश हिरासत में युवक की यातना का आरोप, मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग September 4, 2026