देश चाणक्य नीति:- समय की सूझ Lok Swaraj24 May 22, 2024 Spread the love उपसग्रेन्यचक्रे च दुर्भिक्षे च भयावहे | असाधुजनसंपर्के पलायती स जीवति || आचार्य चाणक्य यहां समय की सूझ की चर्चा करते हुए कहते हैं – उपद्रव या लड़ाई हो जाने पर, भयंकर अकाल पड़ जाने पर और दुष्टों का साथ मिलने पर भागजाने वाला व्यक्ति ही जीता है | आशय यह है कि कहीं पर भी अन्य लोगों के बीच में लडाई – झगड़ा, दंगा फसाद हो जाने पर, भयंकर अकाल पड़ जाने पर और दुष्ट लोगों के संपर्क में आ जाने पर उस स्थान को छोड़कर भाग खड़ा होने वाला व्यक्ति अपने को बचा लेता है | ऐसी जगहों से भाग जाना ही सबसे बड़ी समझदारी है | Post navigation Previous कांग्रेस ने देश को बर्बाद किया और जंगलराज वालों ने बिहार को अपराध का फैक्ट्री बनाया:नरेन्द्र मोदीNext रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का 17वें साल भी टूटा आईपीएल खिताब जीतने का सपना Related Stories सोनम वांगचुक की पत्नी ने सफदरजंग अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक को लिखा पत्र, दूसरे अस्पताल ले जाने की मांग FEATURED देश सोनम वांगचुक की पत्नी ने सफदरजंग अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक को लिखा पत्र, दूसरे अस्पताल ले जाने की मांग July 18, 2026 प्रधानमंत्री ने विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों से की बात, दी बधाई FEATURED देश प्रधानमंत्री ने विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों से की बात, दी बधाई July 18, 2026 संघ कभी सूर्यास्त नहीं देखता, सदैव चिरयुवा रहता है : प्रो. राकेश सिन्हा FEATURED देश संघ कभी सूर्यास्त नहीं देखता, सदैव चिरयुवा रहता है : प्रो. राकेश सिन्हा July 18, 2026