देश चाणक्य नीति:- समय की सूझ Lok Swaraj24 May 22, 2024 Spread the love उपसग्रेन्यचक्रे च दुर्भिक्षे च भयावहे | असाधुजनसंपर्के पलायती स जीवति || आचार्य चाणक्य यहां समय की सूझ की चर्चा करते हुए कहते हैं – उपद्रव या लड़ाई हो जाने पर, भयंकर अकाल पड़ जाने पर और दुष्टों का साथ मिलने पर भागजाने वाला व्यक्ति ही जीता है | आशय यह है कि कहीं पर भी अन्य लोगों के बीच में लडाई – झगड़ा, दंगा फसाद हो जाने पर, भयंकर अकाल पड़ जाने पर और दुष्ट लोगों के संपर्क में आ जाने पर उस स्थान को छोड़कर भाग खड़ा होने वाला व्यक्ति अपने को बचा लेता है | ऐसी जगहों से भाग जाना ही सबसे बड़ी समझदारी है | Post navigation Previous कांग्रेस ने देश को बर्बाद किया और जंगलराज वालों ने बिहार को अपराध का फैक्ट्री बनाया:नरेन्द्र मोदीNext रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का 17वें साल भी टूटा आईपीएल खिताब जीतने का सपना Related Stories रामेश्वर-परादीप तटीय राजमार्ग को मंजूरी, ओडिशा में 8,300 करोड़ की मेगा सड़क परियोजना FEATURED देश रामेश्वर-परादीप तटीय राजमार्ग को मंजूरी, ओडिशा में 8,300 करोड़ की मेगा सड़क परियोजना June 3, 2026 दिल्ली‑एनसीआर में पुराने ट्रक‑बस बदलने की 9,585 करोड़ की योजना को मंजूरी FEATURED देश दिल्ली‑एनसीआर में पुराने ट्रक‑बस बदलने की 9,585 करोड़ की योजना को मंजूरी June 3, 2026 33 दिन में 30 हजार पार पहुंची आदि कैलाश-ओम पर्वत यात्रा इनर लाइन परमिट की संख्या FEATURED देश 33 दिन में 30 हजार पार पहुंची आदि कैलाश-ओम पर्वत यात्रा इनर लाइन परमिट की संख्या June 3, 2026