देश प्रेरक प्रसंग:- गिरवी के पत्थर Lok Swaraj24 June 11, 2024 Spread the love एक बार गुरु नानक बगदाद गए हुए थे | वहां का शासक बड़ा ही अत्याचारी था | वह जनता को कष्ट दे- देकर उनकी सम्पत्ति को लूटकर अपने खजानें में जमा किया करता | उसे जब मालूम हुआ कि हिन्दुस्तान से कोई साधु पुरुष आया है, तो वह नानकजी से मिलने उनके पास गया | कुशल- समाचार पूछने के उपरांत नानकजी ने उससे 100 पत्थर गिरवी रखने की विनती की | शासक बोला, “पत्थर को गिरवी रखने में कोई आपत्ति नहीं है, किन्तु आप उन्हें ले कब जायेंगे ? “आपके पूर्व ही मेरी मृत्यु होगी | मेरे मरणोपरांत, इस संसार में आपकी जीवन यात्रा समाप्त होने पर जब आप मुझसे मिलेंगे, तब इन पत्थरों को मुझे दे दीजियेगा |”- नानक बोले “आप भी कैसी बातें करते हैं, महाराज ! भला इन पत्थरों को लेकर मैं वहां कैसे जा सकता हूँ ?” “तो फिर जनता को चूस-चूसकर आप जो अपने खजाने में नित्य वृद्धि किये जा रहे हैं, क्या वह सब यहीं छोड़ेंगे? उसे भी अपने साथ ले ही जायेंगे | बस साथ में मेरे इन पत्थरों को भी लेते आइएगा | “ उस दुराचारी की आँखें खुल गयीं | नानक के चरणों पर गिरकर उनसे क्षमा मांगी और प्रजा को कष्ट न देने का वचन दिया | Post navigation Previous शक्तिशाली राष्ट्र की अवधारणा शक्तिशाली भारत के अग्रदूत – श्री गुरुजीNext 11 जून 1897 : सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म Related Stories शास्त्र और शस्त्र के महानायक: भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव देश शास्त्र और शस्त्र के महानायक: भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव April 19, 2026 परशुराम जन्मोत्सव से गंगा अवतरण तक: अक्षय तृतीया का दिव्य इतिहास देश परशुराम जन्मोत्सव से गंगा अवतरण तक: अक्षय तृतीया का दिव्य इतिहास April 19, 2026 इतिहास के पन्नों में 20 अप्रैल : क्रूरतम तानाशाह ‘एडोल्फ हिटलर’ का जन्मदिन FEATURED देश इतिहास के पन्नों में 20 अप्रैल : क्रूरतम तानाशाह ‘एडोल्फ हिटलर’ का जन्मदिन April 19, 2026