नई दिल्ली । केरल में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को लेकर राष्ट्रीय संयोजक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मौलाना सुहैब कासमी ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पीएफआइ कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शिक्षित मुसलमानों को निशाना बना रहा है। यह स्कूलों और मदरसों में युवाओं को गुमराह करना चाहता है। पीएफआई अब अपना काम करने के लिए आधुनिक नामों का इस्तेमाल कर रही है।
मौलाना कासमी ने आगे कहा कि भारत एक शांतिपूर्ण देश है और मुसलमान यहां वर्षों से रह रहे हैं। छात्रों को पीएफआई जैसे संगठनों से सावधान रहने की जरूरत है।
पीएफआइ के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए की टीम ने 29 दिसंबर को गैरकानूनी और हिंसक गतिविधियों से जुड़े मामले में एक वकील को गिरफ्तार किया है। वह वकील पीएफआई का सदस्य है। एजेंसी ने बताया कि राज्य के 12 ज़िलों में 56 स्थानों पर छापेमारी की गई थी, जिसमें एर्नाकुलम जिले के एडावनक्कड़ निवासी मोहम्मद मुबारक की गिरफ्तारी हुई। अब तक इस मामले में चौदह लोग पकड़े जा चुके हैं।
एनआइए अधिकारी ने बताया कि मुबारक पीएफआई सदस्य होने के साथ मार्शल आर्ट व हिट स्क्वाड ट्रेनर भी है। वह केरल उच्च न्यायालय में वकील के रूप में प्रैक्टिस करता है। तलाशी के दौरान उसके घर से बैडमिंटन रैकेट बैग में छुपाकर रखी गई कुल्हाड़ी, तलवार सहित कई हथियार बरामद किए गए। बता दें कि एनआईए ने अपनी छापेमारी के दौरान पीएफआई के कई जोनल प्रमुखों और चाकू, खंजर, तलवार व अन्य प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल करने में प्रशिक्षित 15 फिजिकल ट्रेनरों के आवासों की भी तलाशी ली।
