रायपुर। छत्तीसगढ़ विधान सभा में शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को विधानसभा में जल जीवन मिशन में टेंडर के नाम पर गड़बड़ी का मुद्दा गूंजा।
विधायक कृष्णमूर्ति बांधी के सवाल के बाद विपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये। कृष्णमूर्ति बांधी ने आरोप लगाया कि टेंडर निरस्त के बाद उसके रेेट बढ़ाये जा रहे हैं वहीं लोगों को केंद्र सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विपक्ष ने बिलासपुर ने 201 टेंडर का मामला उठाया जिसमें 80 रिटेंडर और 15 टेंडर की समय सीमा बढ़ाना पड़ा था। जल जीवन मिशन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अजय चंद्राकर, बृजमोहन अग्रवाल ने सदन की समिति से जांच की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन में टेंडर के नाम पर करीब 100 करोड़ की गड़बड़ी की गयी है। इस मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिये। नारायण चंदेल ने कहा कि ये भ्रष्टाचार का बेहद ही गंभीर मामला है, जिसकी विस्तृत जांच जरूरी है।
नेता प्रतिपक्ष ने इसे लेकर विधानसभा की कमेटी से जांच की मांग रखी हालांकि सरकार की तरफ से कहा गया है कि भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। काम में देरी की वजह ठेकेदारों की कमी है।
पीएचई मंत्री के इस बयान के बाद भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अगर ठेकेदारों की कमी है तो फिर वृहत तौर पर टेंडर ओपन क्यों नहीं हो रहा है। सरकार की इस नाकामी की वजह से लोगों को केंद्र की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, लोग स्वच्छ पानी का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस मामले को ले कर विपक्ष ने वाकआउट किया।
