नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि बुधवार को नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। भारत ग्रीन हाइड्रोजन का ग्लोबल हब बनेगा। प्रतिवर्ष 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन होगा। दरअसल, पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक के बाद अनुराठ ठाकुर ने बताया कि योजना के तहत 2030 तक सालाना 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। क्रेता-विक्रेताओं को एक छत के नीचे लाने के लिए हरित हाइड्रोजन केंद्र विकसित किया जाएगा। देश में इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण को लेकर 5 साल के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 60-100 गीगावाट की इलेक्ट्रोलाइजर क्षमता को तैयार किया जाएगा। इलेक्ट्रोलाइजर की मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन पर 17,490 करोड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ग्रीन हाइड्रोजन के हब को विकसित करने के लिए 400 करोड़ का प्रावधान किया है।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लिए 19,744 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। इस मिशन से 8 लाख करोड़ रुपए का सीधा निवेश होगा। 6 लाख नौकरियां इससे मिलेंगी। 50 मिलियन टन ग्रीन हाउस उत्सर्जन को कम किया जाएगा।
हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 382 मेगावाट के सुन्नी बांध हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट को मंजूर किया गया है। इसमें 2,614 करोड़ रुपए की लागत आएगी। ये सतलुज नदी पर बनेगा।
