वाशिंगटन । दुनियाभर की इकोनॉमी साल 2023 में 2022 से भी खराब रहने वाली है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की हेड क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने कहा है कि 2023 में एक तिहाई दुनिया मंदी का शिकार होगी। जिन देशों में मंदी नहीं आएगी वहां भी लोगों को बिगड़ते आर्थिक हालातों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इसका जिम्मेदार चीन, अमेरिका और यूरोपियन यूनियन की धीमी होती अर्थव्यवस्था को बताया है। क्रिस्टलीना ने कहा कि चीन के लिए अगले कुछ महीने मुश्किल भरे रहने वाले हैं।
40 सालों में पहली बार, चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ दुनिया की ग्रोथ के तुलना में कम रह सकती है। चीन में दिसंबर 2022 में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां पिछले तीन साल के मुकाबले सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थीं। बीबीसी के एक अनुमान के मुताबिक चीन के 100 बड़े शहरों में पिछले 6 महीनों में घरों के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। इस सब का प्रभाव ग्लोबल इकोनॉमी पर भी पड़ेगा।उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध, बढ़ती महंगाई, बढ़ती ब्याज दरें और चीन में कोरोना महामारी का आना भी दुनियाभर की इकोनॉमी को प्रभावित करेगा।
