भारतीय टीम के बल्लेबाज रिंकू सिंह को उनके लंबे छक्कों के लिए जाना जाता है। उन्होंने दिसंबर 2023 में एक ऐसा ही छक्का साउथ अफ्रीका में मारा था। उनका छक्का शीदे सेंट जॉर्ज पार्क के प्रेस बॉक्स के शीशे पर जाकर लगी थी। यह आज तक नहीं बदल पाई है।
नई दिल्ली: रिंकू सिंह के छक्के से टूटे सेंट जॉर्ज पार्क के प्रेस बॉक्स का शीशा अब तक नहीं बदल पाया है। यह घटना एक साल से भी ज्यादा पुरानी है। दिसंबर 2023 में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच हुए टी20 मैच में रिंकू ने एडेन मार्करम की गेंद पर छक्का जड़ा था। यह छक्का इतना जोरदार था कि ग्रीम पोलक पवेलियन के पास लगे शीशे के पैनल में बड़ी दरार आ गई। स्टेडियम के बजट की कमी के कारण 13 महीने बाद भी यह शीशा नहीं बदला गया है।
ब्रेविस ने भी वहीं मारा छक्का
एसए20 के तीसरे सीजन के शुरू होने के साथ ही यह टूटा शीशा खतरे का सबब बना हुआ है। एमआई केप टाउन के बल्लेबाज डिवाल्ड ब्रेविस का छक्का भी लगभग उसी जगह लगा था। स्टेडियम के मेंटेनेंस का काम देखने वाले टेरेंस ने बताया कि स्टेडियम की छत और अन्य जरूरी मरम्मत को प्राथमिकता दी गई है। शीशा बदलने के लिए क्रेन और भारी मशीनरी की जरूरत पड़ेगी जो मैच के दौरान मुमकिन नहीं है।
शीशा सुरक्षा के लिए खतरा नहीं
टेरेंस ने यह भी बताया कि टूटा शीशा सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है इसलिए इसे तुरंत बदलना जरूरी नहीं है। उन्होंने हिंदुस्थान टाइम्स से कहा, ‘सबसे पहले ऊंचाई देखिए। यह बहुत ज्यादा है और इसे ठीक करना आसान नहीं है क्योंकि इसके लिए क्रेन और सभी प्रकार की भारी मशीनरी की आवश्यकता होगी। आप उन सभी चीजों को मैदान में नहीं ला सकते जब मैच लगातार हो रहे हों। हमारे यहां नीचे समय-समय पर खिड़कियां टूटी हैं। जिसे हम झटपट ठीक कर देते हैं। इसलिए हमेशा एक प्राथमिकता तय होती है।’
बजट की समस्या आ रही
टेरेंस ने बताया कि बजट की समस्या है। उन्होंने कहा- बजट की कमी के कारण हमें जो मिला है उसमें ही काम करना होगा। अगस्त में आए तूफान की वजह से एक स्टैंड की पूरी छत उड़ गई। बीमाकर्ता ने इसके पैसे देने से मना कर दिया। हमें लगभग 18 लाख का भुगतान करना पड़ा। यह काफी बड़ा हिस्सा था। हमने छत ठीक करवाई है। अगर आप उड़े हुए उस छत को देखें तो हमने उसे ढंक दिया है। वह एक नई छत है।’
