प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर गुजरात के जूनागढ़ जिले के सासन गिर में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। एनबीडब्ल्यूएल में 47 सदस्य हैं, जिनमें सेनाध्यक्ष, विभिन्न राज्यों के सदस्य, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्यजीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं। यह बोर्ड वन्यजीवों और वनों के संरक्षण और विकास को बढ़ावा देने के लिए काम करता है और प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष हैं। प्रधानमंत्री गिर के सिंह सदन परिसर में वृक्षारोपण में भी भाग लेंगे। श्री मोदी वन्यजीवों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए फील्ड स्टाफ के लिए पेट्रोलिंग बाइक को भी हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री का इको गाइड, ट्रैकर्स और फील्ड स्टाफ के साथ बातचीत करने का भी कार्यक्रम है।
बैठक से पहले प्रधानमंत्री गिर राष्ट्रीय उद्यान में शेर सफारी का आनंद लेंगे।
हमारे संवाददाता ने बताया कि दुनिया में एशियाई शेरों के एकमात्र निवास स्थान सासन गिर में शेरों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है, 2020 में की गई जनगणना के अनुसार, गिर वन क्षेत्र में शेरों की कुल आबादी 674 है। वर्तमान में, एशियाई शेर गुजरात के 9 जिलों में 53 तालुकाओं में लगभग 30,000 वर्ग किलोमीटर में निवास करते हैं। केंद्र और राज्य सरकारों ने इन राजसी जीवों के संरक्षण और अन्य वन्यजीव प्रजातियों की सुरक्षा के लिए कई पहल की हैं। राष्ट्रीय प्रोजेक्ट लायन के हिस्से के रूप में, जूनागढ़ जिले के न्यू पिपल्या में 20.24 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर वन्यजीवों के लिए एक राष्ट्रीय रेफरल केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा, वन्यजीव ट्रैकिंग के लिए एक उच्च तकनीक निगरानी केंद्र और संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने के लिए सासन में एक अत्याधुनिक अस्पताल भी स्थापित किया गया है। गिर में इको-टूरिज्म के विकास ने न केवल वन्यजीव संरक्षण में योगदान दिया है, बल्कि इस क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देते हुए हजारों निवासियों की आजीविका को भी बदल दिया है। पिछले पांच वर्षों के दौरान 33 लाख से अधिक पर्यटक गिर संरक्षित क्षेत्र में आये।
