केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार देश में अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और समावेशी विकास को प्राथमिकता दे रही है। वे केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित दक्षिणी क्षेत्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) पर क्षेत्रीय समीक्षा बैठक और प्रशिक्षण कार्यशाला में बोल रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केरल सरकार राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) की योजनाओं को लागू करने में सक्रिय और अत्यधिक उत्तरदायी रही है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि ये योजनाएं लक्षित लाभार्थियों तक पहुँचें। उन्होंने कल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहाँ बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदाय सद्भावना से रहते हैं और केंद्र सरकार की सभी योजनाएँ प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
श्री रिजिजू ने पर्यटन, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों के बारे में भी बात की और महत्वपूर्ण क्षेत्रों को समर्थन देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन या समर्थन की कोई कमी नहीं होगी।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पीएमजेवीके के लाभार्थियों को चेक और स्वीकृति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन, केरल के राज्य मंत्री वी. अब्दुरहीमान और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके), एक केन्द्र प्रायोजित योजना है, जो एक क्षेत्र विकास कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत चिन्हित क्षेत्रों में सामुदायिक अवसंरचना और बुनियादी सुविधाएं सृजित की जाती हैं।
