नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सरकारी अस्पतालों में दवा खरीद की नीति में बदलाव किया है। अब सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों से ही दवाएं खरीदनी होंगी। स्थानीय स्तर पर दवाओं की खरीद केवल इमरजेंसी के समय में ही की जा सकेगी।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में 6 मार्च 2025 को दिल्ली सचिवालय में एक समीक्षा बैठक हुई थी। इस बैठक में सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की गई थी। इस दौरान उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों और स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के माध्यम से दवा खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इस निर्देश में भारत सरकार के फार्मास्युटिकल विभाग के तहत एक अधिकृत चैनल पार्टनर के साथ समझौता ज्ञापन करने की जरूरत बताई गई थी, ताकि दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में सुचारू रूप से दवाओं की खरीद सुनिश्चित की जा सके।
पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि हम दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकारी अस्पतालों में दवाओं की खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस कदम से मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल सकेंगी।
दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले छह अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही अन्य अस्पतालों में भी नई नीति के तहत जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इस नई नीति के तहत सभी सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल अपनी दवाओं की आवश्यकताओं की सूची तैयार करें और जन औषधि केंद्रों से सीधे दवा खरीदने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करें।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली की सरकार मरीजों के हितों के साथ के लिए कोई भी समझौता नहीं करेगी और सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों की तरह सुविधा देने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
