नई दिल्ली। डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को गुरुग्राम के ग्लांस और यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट (यूएसआई) ने लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया मेमोरियल स्कूल में ‘सशक्त समुदाय: नागरिक साइबर सुरक्षा और कौशल कार्यशाला’ का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में पांच सौ से अधिक छात्रों ने भाग लिया और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार, साइबर बुलिंग रोकथाम, फिशिंग हमलों की पहचान और डेटा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
यह कार्यशाला ग्लांस की सीएसआर पहल ‘ग्लांस फॉर गुड’ के तहत आयोजित की गई। जो इनमोबी के संस्थापक नवीन तिवारी की ‘सशक्त, शिक्षित और सूचित’ करने की दृष्टि पर आधारित है। इसका उद्देश्य युवाओं और वंचित समुदायों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है।
इस अवसर पर इनमोबी ग्रुप की एसवीपी और चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने कहा कि यह पहल भारत में बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साइबर सुरक्षा जागरूकता के माध्यम से देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहे हैं।
यूएसआई के सेंटर फॉर इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आत्मनिर्भर भारत (सीइटीएएनबी) के निदेशक मेजर जनरल (डॉ.) पवन आनंद एवीएसएम (से.नि.) ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम बताया और कहा कि डिजिटल खतरों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना राष्ट्रीय अनिवार्यता बन गया है।
इस दौरान डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (डीएससीआई) के सहयोग से किशोरों के लिए एक साइबर-अवेयरनेस टूलकिट भी लॉन्च की गई। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ कर्नल संजीव रिलिया ने छात्रों को व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, सोशल मीडिया गोपनीयता और डिजिटल खतरों से बचाव के उपायों पर प्रशिक्षित किया।
