नई दिल्ली, 12 जनवरी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) और प्रजनन बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) पोर्टल पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया।
इस मौके पर स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश भर में 1.54 लाख से अधिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (एचडब्ल्यूसी) संचालित किए गए हैं। इन केन्द्रों में लोगों को 12 स्वास्थ्य पैकेज निशुल्क प्रदान करने के साथ, मुफ्त दवाएं और निदान, सामान्य कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के लिए मुफ्त स्क्रीनिंग परीक्षण भी किया जा रहा है।इसके साथ एक लाख से अधिक एचडब्ल्यूसी ई-संजीवनी टेलीसर्विसेज भी उपलब्ध करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश भर में फैले 2.25 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं से समय पर डेटा उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस डेटा का वास्तविक समय के आधार पर विश्लेषण करने की आवश्यकता है ताकि राज्यों में स्वास्थ्य हस्तक्षेप के आधार के रूप में काम किया जा सके। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) का जिक्र करते हुए राजेश भूषण ने कहा कि आरसीएच, एचएमआईएस पोर्टल और एबीडीएम के बीच अधिक सामंजस्य स्थापित करने की आवश्यकता है। एबीएचए आईडी के निर्माण के माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जा रहा है। इन्हें आरसीएच और एचएमआईएस के साथ जोड़ा जा सकता है जो स्वास्थ्य क्षेत्र में गेमचेंजर के रूप में कार्य कर सकते हैं।
