केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेल मंत्रालय की चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी कुल लागत 18 हजार 658 करोड़ रुपये है। आज नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये परियोजनाएं तीन राज्यों महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के 15 जिलों को कवर करती हैं और भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 1247 किलोमीटर बढ़ा देंगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में संबलपुर-जरपाड़ा तीसरी और चौथी लाइन, झारसुगुड़ा-सासन तीसरी और चौथी लाइन, खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा पांचवीं और छठी लाइन और गोंदिया-बल्हारशाह दोहरीकरण शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि इन मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्तावों से परिचालन आसान होगा और भीड़भाड़ कम होगी, जिससे रेलवे के व्यस्ततम खंडों पर आवश्यक बुनियादी ढांचागत विकास होगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से 19 नए स्टेशन बनाए जाएंगे और दो आकांक्षी जिलों – गढ़चिरौली और राजनांदगांव से संपर्क बढ़ेगा। इससे तेल आयात में भी कमी आएगी और CO2 उत्सर्जन में भी कमी आएगी। श्री वैष्णव ने कहा कि इससे लगभग 379 लाख मानव दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छह हजार 839 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्त पोषण के साथ जीवंत गांव कार्यक्रम-2 को भी मंजूरी दी है। श्री वैष्णव ने कहा कि इस कार्यक्रम से अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमाओं से सटे ब्लॉकों में स्थित गांवों के व्यापक विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समृद्ध और सुरक्षित सीमाओं को सुनिश्चित करने के लिए बेहतर जीवन स्थितियां और पर्याप्त आजीविका के अवसर पैदा करना है। इससे पर्यटन की संभावना बढ़ेगी और इन गांवों की स्थानीय संस्कृति और विरासत को बढ़ावा मिलेगा।
