नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्रकार राजदीप सरदेसाई के खिलाफ दायर मानहानि याचिका में तथ्यों को छिपाने पर भाजपा नेता शाजिया इल्मी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने ये आदेश दिया।
शाजिया इल्मी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर राजदीप सरदेसाई की ओर से एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो का हवाला दिया था, जिसमें शाजिया इल्मी चैनल का शो छोड़कर चली गई थी। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि याचिकाकर्ता ने जिस ट्वीट को लेकर याचिका दायर की थी, उससे संबंधित दो ट्वीट की जानकारी छिपाई। ये दोनों ट्वीट उसी ट्वीट का हिस्सा थे। इस पर हाई कोर्ट ने शाजिया इल्मी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए जुर्माने की रकम को दिल्ली हाई कोर्ट बार क्लर्क एसोसिएशन के खाते में तीन हफ्ते के अंदर जमा करने का आदेश दिया।
हाई कोर्ट ने शाजिया इल्मी की उस मांग को मंजूर कर लिया, जिसमें वीडियो पत्रकार के साथ विवाद करते हुए 18 सेकंड के वीडियो को हटाने की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने कहा कि जब शाजिया इल्मी शो छोड़कर चली गई, तब भी वीडियो रिकार्डिंग करते रहना उनकी निजता का उल्लंघन है। हालांकि, कोर्ट ने शाजिया इल्मी के इस आरोप को खारिज कर दिया कि वीडियो पत्रकार के इस कार्य से उनकी गरिमा का हनन हुआ है। कोर्ट ने कहा कि शाजिया इल्मी का ये कथन गलत है कि वीडियो पत्रकार एक विकृत मानसिकता का व्यक्ति था। हाई कोर्ट ने शाजिया इल्मी के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि राजदीप सरदेसाई की ओर से पोस्ट किये गए वीडियो को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया था।
