नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली सरकार के सभी विभागों के प्रमुखों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन, बजटीय प्रगति, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, जल आपूर्ति और अन्य क्षेत्रों में किए गए कार्यों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है और इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन में काम की गुणवत्ता और प्रतिबद्धता सर्वोपरि है। इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने कार्यों की प्राथमिकताएं तय करें और सुनिश्चित करें कि निर्धारित समयसीमा में उन्हें पूरा किया जाए। साथ ही सभी विभागों के अधिकारियों को योजनाबद्ध ढंग से वर्किंग चार्ट तैयार करने और मुख्य सचिव को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। सभी विभागों को “सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली” को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए है।
उन्होंने बताया कि काम करने वाले अधिकारियों को सरकार का पूरा साथ मिलेगा लेकिन लापरवाही बरतने पर अधिकारियों पर कार्रवाही की जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक प्रणाली में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करना है।
बैठक के बारे में अधिक जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकता जनता को बेहतर सुविधाएं देना है। योजनाओं की सिर्फ घोषणा करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन और जनता तक लाभ पहुंचाना भी ज़रूरी है। आज की बैठक के दौरान सरकार ने दिल्ली से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सभी विभागों के प्रमुखों के साथ चर्चा की और उनके सफल क्रियान्वयन पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के प्रमुख बिंदु शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, अस्पतालों और दवाओं की उपलब्धता, पानी की समस्या, जलभराव, प्रदूषण, बुनियादी ढांचा विकास, शासन एवं प्रशासनिक सुधार, नागरिक शिकायत निवारण रहे।
उन्होंने बताया कि बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि वे अपने-अपने विभागीय कार्यों की प्राथमिकताएं तय करें और उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करें। साथ ही प्रत्येक विभाग को अगले 100 दिनों 6 महीनों और 9 महीनों के लिए अपने लक्ष्य तय करने और उसी के अनुसार योजनाबद्ध ढंग से वर्किंग चार्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए गए है और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को प्रस्तुत करने होगें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी निर्देशित किया कि सभी विभाग नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को प्रस्तुत करें। उन्होंने “सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली” को अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पानी की समस्या, जलभराव, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अस्पतालों की व्यवस्था और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता जैसे जनजीवन से जुड़े मुद्दों पर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
