आज पूरी दुनिया में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जा रहा है। होम्योपैथी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी चिकित्सा प्रणाली है। यह स्वास्थ्य सेवा के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है, जो दुनिया भर में लाखों लोगों को अपनी प्राकृतिक, गैर-आक्रामक पद्धतियों के लिए आकर्षित करती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, देश में 100 मिलियन से अधिक लोग अपनी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए होम्योपैथी पर भरोसा करते हैं।
वर्तमान में देश में तीन लाख 45 हज़ार पंजीकृत होम्योपैथिक डॉक्टर, 277 अस्पताल, आठ हज़ार से ज़्यादा डिस्पेंसरी और 277 शैक्षणिक संस्थान हैं। ये संस्थान होम्योपैथिक अभ्यास के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, हर साल हज़ारों कुशल पेशेवर तैयार करते हैं। केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के तहत 35 से ज़्यादा शोध केंद्र साक्ष्य-आधारित होम्योपैथी को बढ़ावा देते हैं। विश्व होम्योपैथी दिवस जैसे समारोह सुरक्षित, साक्ष्य-आधारित और किफ़ायती उपचार के प्रति देश की प्रतिबद्धता की याद दिलाते हैं।
