नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आज कहा कि हम दिल्ली विधानसभा में नोवा ( नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन) क्रियान्वयन के अंतर्गत नवीनतम तकनीक से लैस सॉफ्टवेयर और ऐप का प्रयोग करेंगे। जुलाई में प्रस्तावित विधानसभा का आगामी मानसून सत्र पूरी तरह से पेपरलेस होगा।
गुप्ता गुरुवार को ओडिशा विधानसभा के दौरे पर रहे। इस दौरान उनके साथ विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट मौजूद रहे। विजेंद्र गुप्ता और मोहन सिंह बिष्ट ने प्रतिनिधि मंडल के साथ नोवा परियोजना के अंतर्गत विकसित हो रहे सॉफ्टवेयर, गैजेट्स और ऐप्स का अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी और मुख्यमंत्री मोहन चरन मांझी ने दिल्ली से आए प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और नोवा के कार्यान्वयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की।
गुप्ता ने कहा कि ओडिशा विधानसभा देश की सबसे नई नोवा प्रणाली से जुड़ी विधानसभा है। यहां की तकनीक बहुत अच्छी और नई है। ओडिशा ने दूसरे राज्यों से सीखकर एक अच्छा तरीका अपनाया है। अब दिल्ली विधानसभा इस तरीके को समझेगी और उसे और बेहतर बनाकर अपनाएगी।
गुप्ता ने बताया कि हमने नोवा के ऐप्स, सॉफ्टवेयर, डैशबोर्ड और वॉर रूम जैसे तंत्रों की कार्यप्रणाली को निकट से समझा। प्रतिनिधि मंडल ने सेवा केंद्रों में जाकर यह भी देखा कि किस प्रकार तकनीक के माध्यम से विधायी कार्यों को सहज और पारदर्शी बनाया गया है।
गुप्ता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा भविष्य में आवश्यकता अनुसार ओडिशा मॉडल की तकनीक को अपनाएगी। उन्होंने कहा कि हम ओडिशा के विशेषज्ञों को दिल्ली विधानसभा में आमंत्रित करेंगे ताकि उनके अनुभवों का लाभ हमें मिल सके।
गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वन नेशन, वन एप्लीकेशन’ अभियान को लेकर भी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा इस डिजिटल क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाएगी। न केवल कार्यवाही अधिक प्रभावी होगी, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। ई-विधान एप्लीकेशन से विधायी कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी।
दौरे के अंत में गुप्ता और उनके प्रतिनिधि मंडल ने लिंगराज मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि लिंगराज मंदिर का दर्शन अत्यंत आत्मिक और शांतिप्रद रहा। इस स्थान की दिव्यता और ऊर्जा अद्भुत है। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी शोभा विजेंद्र भी उनके साथ थीं।
