नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विधायी कार्य के कुशल और प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए चालू वित्त वर्ष के लिए शुक्रवार को आठ समितियों का गठन किया है। ये समितियां जवाबदेही को बढ़ावा, विचार-विमर्श को प्रोत्साहित और शासन से संबंधित मुद्दों की गहन जांच को सक्षम करके विधायी निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
नवगठित समितियों में दो मौजूदा समितियों- कार्य मंत्रणा समिति और निजी सदस्यों के विधेयकों एवं प्रस्तावों पर समिति के अलावा सरकारी आश्वासन समिति, याचिका समिति, नियम समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, सामान्य प्रयोजन समिति और पुस्तकालय समिति शामिल हैं।
कार्य मंत्रणा समिति के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और सदस्य मोहन सिंह बिष्ट, अभय वर्मा, जितेंदर महाजन, ओम प्रकाश शर्मा, राज कुमार चौहान, सोम दत्त, सूर्य प्रकाश खत्री और सुरेंद्र कुमार है।
निजी सदस्यों के विधेयकों एवं प्रस्तावों पर समिति के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और सदस्य अभय वर्मा, अनिल कुमार शर्मा, अरविंदर सिंह लवली, पूनम शर्मा, संजय गोयल, श्याम शर्मा, अमानतुल्लाह खान और प्रेम चौहान है।
सरकारी आश्वासन समिति के अध्यक्ष नीरज बसोया और सदस्य राज करण खत्री, अजय कुमार महावर, करनैल सिंह, पूनम शर्मा, उमंग बजाज, जितेन्द्र महाजन, मुकेश कुमार अहलावत और सही राम है।
याचिका समिति के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश खत्री और सदस्य हरीश खुराना, संदीप सहरावत, शिखा राय, गजेंद्र सिंह यादव, अनिल कुमार शर्मा, प्रद्युम्न सिंह राजपूत, पुनरदीप सिंह साहनी और सोम दत्त है।
नियम समिति के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और सदस्य मोहन सिंह बिष्ट, अशोक गोयल, शिखा राय, संदीप सहरावत, उमंग बजाज, जरनैल सिंह, प्रवेश रत्न, वीरेंद्र सिंह कादियान है।
प्रश्न एवं संदर्भ समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट और सदस्य रविंदर सिंह नेगी, अरविन्दर सिंह लवली, तरविंदर सिंह मारवाह, ओम प्रकाश शर्मा, नीलम पहलवान, आले मोहम्मद. इकबाल, अजय दत्त, वीरेंद्र सिंह कादियान है।
सामान्य प्रयोजन समिति के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और सदस्य मोहन सिंह बिष्ट, अभय वर्मा, मनोज कुमार शौकीन, राज कुमार भाटिया, तिलक राम गुप्ता, अशोक गोयल, वीर सिंह, चौधरी जुबैर अहमद है।
पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और सदस्य मोहन सिंह बिष्ट, प्रद्युम्न सिंह राजपूत, नीलम पहलवान, नीरज बसोया, संजय गोयल, चौधरी जुबैर अहमद, जरनैल सिंह, मुकेश कुमार अहलावत है।
