नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 2020 में कोरोना प्रतिबंधों का उल्लंघन करने और जल बोर्ड के दफ्तर पर तोड़फोड़ के मामले में भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया समेत दूसरे नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले की सुनवाई टाल दी है। एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को करने का आदेश दिया।
पहले ये मामला तीस हजारी कोर्ट में चल रहा था। जब योगेंद्र चंदोलिया सांसद बने तब इस मामले की सुनवाई राऊज एवेन्यू कोर्ट काे ट्रांसफर कर दिया गया। राऊज एवेन्यू कोर्ट एमपी-एमएलए की स्पेशल कोर्ट है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि कोर्ट के कर्मचारी ने इस मामले के शिकायतकर्ता को गवाही के लिए समन तामील नहीं किया है। उसके बाद कोर्ट ने कोर्ट के कर्मचारी को भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने का आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को करने का आदेश दिया। कोर्ट ने 3 मई को योगेंद्र चंदोलिया समेत दूसरे नेताओं के खिलाफ आरोप तय कर दिया था।
इस मामले में आम आदमी पार्टी नेता राघव चड्ढा ने दिल्ली पुलिस से 2020 में शिकायत की थी। राघव चड्ढा की शिकायत पर देशबंधु गुप्ता थाने में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।
इस मामले में भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया, भाजपा नेता आदेश गुप्ता, रवि तंवर और विकास तंवर को आरोपित बनाया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 147, 148, 149, 427 और प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रोपर्टी एक्ट और पंडेमिक एक्ट की धारा 3 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था। तीस हजारी कोर्ट ने 17 अक्टूबर 2023 को चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए आरोपितों को समन जारी किया था।
