नई दिल्ली। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस जलवायु जनजागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य राजधानी दिल्ली के लगभग दो लाख छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है। यह अभियान न केवल जागरूकता फैलाएगा, बल्कि युवाओं के व्यवहार में परिवर्तन लाकर उन्हें जलवायु परिवर्तन के समाधान का हिस्सा बनाएगा।
दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग और ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (टेरी) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इस समझौता ज्ञापन के तहत जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं और सतत (सस्टेनेबल) जीवनशैली की समझ को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त जनजागरूकता कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस पहल के क्रियान्वयन के लिए दिल्ली सरकार टेरी को 40 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर रही है। यह कार्यक्रम दिल्ली के 2000 इको-क्लब्स और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से संचालित होगा, जिसमें लगभग 2 लाख स्कूल और कॉलेज छात्र भाग लेंगे। इस अभियान के तहत 80 “पर्यावरण संरक्षक” नामित और प्रशिक्षित किए जा रहे हैं, जो संस्थानों में इको-लीडर के रूप में कार्य करते हुए अभियान को आगे बढ़ाएंगे। इसके लिए जून से नवंबर 2025 के बीच इंटरएक्टिव आईइसी किट्स, कार्यशालाएं और सामुदायिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं और स्थायी जीवनशैली के प्रति संवेदनशील बनाना है। इस अभियान में कहानी कहने, खेल, रचनात्मक संवाद और वास्तविक जीवन के ‘इको-एक्शन’ शामिल होंगे, जो छात्रों में गहरी पर्यावरणीय चेतना उत्पन्न करेंगे।
