केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज अमृत काल @ 2047 के विजन को साकार करने के लिए भारत के बंदरगाहों को मजबूत बनाने में निजी क्षेत्र की भागीदारी की आवश्यक भूमिका पर जोर दिया। मुंबई में जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए) के 36वें वर्षगांठ समारोह को संबोधित करते हुए, श्री सोनोवाल ने जेएनपीए की 36 साल की सफल यात्रा की सराहना की और देश के सबसे बड़े कंटेनर बंदरगाह के रूप में इसकी उपलब्धि पर प्रकाश डाला, जिसने रिकॉर्ड 10 मिलियन टीईयू (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) कार्गो को संभाला है। उन्होंने जेएनपीए को इस मुकाम तक पहुंचने में सहायता करने में निजी संस्थाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।
श्री सोनोवाल ने वैश्विक दृष्टिकोण का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल’ के विजन की वकालत की। उन्होंने कहा कि देश का प्रत्येक बंदरगाह विभिन्न पहलुओं में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि वधावन बंदरगाह के 10 वर्षों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, जिसका पहला चरण आने वाले पांच वर्षों में पूरा होने का अनुमान है।
वैश्विक स्तर पर शीर्ष पांच समुद्री राष्ट्रों में से एक बनने की भारत की आकांक्षा को दोहराते हुए, उन्होंने निजी खिलाड़ियों सहित सभी हितधारकों से भारत की समुद्री यात्रा में वैश्विक भागीदारी को आमंत्रित करने वाले पारिस्थितिकी तंत्र को बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आग्रह किया।
समारोह को संबोधित करते हुए, केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग राज्य मंत्री, शांतनु ठाकुर ने जेएनपीए को 10 मिलियन टीईयू कार्गो को संभालने की उपलब्धि हासिल करने पर बधाई दी। उन्होंने उत्पादकता बढ़ाने के लिए स्पष्ट, सुव्यवस्थित और टिकाऊ बंदरगाहों के महत्व पर जोर दिया।
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव, टीके रामचंद्रन ने कहा कि जेएनपीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमृत काल @ 2047 के विजन में रेखांकित सभी 11 मापदंडों में पूरे अंक हासिल किए हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए जेएनपीए के अध्यक्ष उन्मेष वाघ ने हरित ऊर्जा, सौर ऊर्जा और विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) जैसे क्षेत्रों में जेएनपीए द्वारा की गई विभिन्न पहलों पर प्रकाश डाला।
इस कार्यक्रम में वधवन पोर्ट स्किलिंग प्रोग्राम के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए। वधवन पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड (वीपीपीएल) और सह्याद्री फार्म्स के बीच हस्ताक्षरित पहले एमओयू का उद्देश्य कौशल कार्यक्रम के तहत लक्षित प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण युवाओं, किसानों और कृषि उत्पाद कंपनियों के कौशल का विकास करना है। वीपीपीएल और रूरल एनहांसर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच हस्ताक्षरित दूसरे एमओयू में कंटेनर, बल्क और लिक्विड कार्गो को संभालने के लिए वधवन पोर्ट पर एक टर्मिनल के विकास में भाग लेने की उनकी मंशा को रेखांकित किया गया है। इसके अतिरिक्त, इस कार्यक्रम में ’36 वर्ष, 36 मील के पत्थर’ कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया गया, जिसमें जेएनपीए की स्थापना के बाद से इसकी यात्रा पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर वर्ष 2024-25 के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों के लिए विभिन्न टर्मिनलों, हितधारकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
केरल के तट पर तेल रिसाव की घटना के बारे में मीडिया को संबोधित करते हुए, श्री सोनोवाल ने बताया कि स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और मंत्रालय संबंधित अधिकारियों के साथ निकट समन्वय में है। तदनुसार, नौवहन महानिदेशक को निर्देश दिए गए हैं तथा समुद्री जीवन और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
