भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि इस साल मानसून के मौसम में पूरे देश में बारिश सामान्य से ज़्यादा रहने की संभावना है। इस आशावादी मानसून पूर्वानुमान से फसल उत्पादन में वृद्धि, सिंचाई प्रणालियों पर दबाव कम होने और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे पानी की उपलब्धता में सुधार की उम्मीद भी जगी है।
आईएमडी ने कहा कि इस साल मानसून समय से पहले आ गया है और अगले महीने उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों और मध्य और पूर्वी भारत के आसपास के इलाकों में सामान्य से कम गर्मी पड़ने की उम्मीद है। आज नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन ने कहा कि न केवल दक्षिणी प्रायद्वीप में बल्कि मध्य भारत में भी सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य बारिश होने की उम्मीद है जबकि पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, आईएमडी के मौसम विज्ञान महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि जून से सितंबर के बीच बारिश मौसमी औसत से अधिक होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 5 जून से 30 सितंबर के दौरान देश में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जिसकी मात्रात्मक संभावना 106 प्रतिशत है।
