संस्कृति मंत्रालय ने आज भारत केसरी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अर्धवार्षिक स्मरणोत्सव के अवसर पर नई दिल्ली में एक प्रदर्शनी और कार्यक्रम का आयोजन किया। समारोह को संबोधित करते हुए, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राष्ट्र निर्माण में डॉ. श्यामा मुखर्जी के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि डॉ. मुखर्जी ने तुष्टिकरण की राजनीति के विरुद्ध आवाज़ उठाई। श्री शेखावत ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपने जैसे अनेक कार्यकर्ताओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने बताया कि संस्कृति मंत्रालय ने डॉ. मुखर्जी के सम्मान में दो वर्षों तक लगातार कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी एक समाज सुधारक थे जिन्होंने जम्मू-कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जे का विरोध किया था। उन्होंने आगे कहा कि डॉ. मुखर्जी के नेतृत्व में किया गया संघर्ष 2019 में तब साकार हुआ जब भारतीय संविधान से अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया।
हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत केसरी डॉ. मुखर्जी को समर्पित एक स्मारक डाक टिकट और सिक्के का भी अनावरण किया।
