विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने जटिल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भारत और चीन के बीच विचारों और दृष्टिकोणों के खुले आदान-प्रदान के महत्व पर ज़ोर दिया है। डॉ. जयशंकर ने आज बीजिंग में चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ बैठक की।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंधों के निरंतर सामान्यीकरण से पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि पिछले अक्टूबर में कज़ान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाक़ात के बाद से भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में लगातार सुधार हो रहा है। मंत्री महोदय ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि इस यात्रा में उनकी बातचीत इसी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली की भी भारत में व्यापक रूप से सराहना की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में चीन की सफल अध्यक्षता का समर्थन करता है। वह कल तियानजिन शहर में एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए चीन की दो दिवसीय यात्रा पर हैं।
