एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की सातवीं क्षेत्रीय समिति बैठक (आरसीएम) कोलंबो में शुरू हुई। इसका औपचारिक उद्घाटन कल प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या और आईएसए के महानिदेशक आशीष खन्ना करेंगे। “विविधता और अवसर से भरे क्षेत्र में सौर सहयोग को बढ़ावा देना” विषय पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम पूरे क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग में तेज़ी लाने के लिए अधिकारियों, संस्थानों और निजी क्षेत्र के नेताओं को एक साथ लाएगा।
बैठक में क्षेत्रीय मंचों का विस्तार, सौर निवेशों के जोखिम को कम करने और हरित हाइड्रोजन तथा ऊर्जा भंडारण जैसी तकनीकों को अपनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सत्रों में सीमा पार सौर व्यापार, क्षेत्रीय स्टार केंद्रों और छोटे द्वीपीय विकासशील राज्यों के लिए एक सौर बाज़ार के संचालन पर भी चर्चा की जाएगी।
आईएसए के महानिदेशक आशीष खन्ना ने इस क्षेत्र को वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के लिए केन्द्रीय बताया तथा निवेश के लिए तैयार, मापनीय समाधानों को आकार देने में बैठक की भूमिका पर प्रकाश डाला।
इसके अतिरिक्त, बैठक के दौरान देश-स्तरीय साझेदारियों और संस्थानों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
भारत, जिसने 2015 में आईएसए की सह-स्थापना की थी, इसके नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा विश्व भर में सौर ऊर्जा को सुलभ और सस्ती बनाने के लिए गठबंधन के प्रयासों का समर्थन करता रहा है।
