आज विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है। भारत में दुनिया की लगभग साठ प्रतिशत जंगली हाथी आबादी रहती है, जहाँ 33 हाथी अभयारण्य और 150 चिन्हित हाथी गलियारे हैं।
समारोह के एक भाग के रूप में, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव आज कोयंबटूर में आयोजित समारोह में भाग लेंगे। वे एक कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे जिसमें विशेषज्ञ आवास प्रबंधन और गलियारों के रखरखाव से लेकर उच्च-संघर्ष वाले क्षेत्रों में जागरूकता पैदा करने और क्षमता निर्माण तक, सर्वोत्तम प्रथाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।
भारत में उत्तर-पूर्वी पहाड़ियों, पूर्वी राज्यों, दक्षिणी राज्यों के घाट क्षेत्रों और ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ जैसे पूर्वी राज्यों में हाथी गलियारे हैं। 22 राज्यों में क्रियान्वित प्रोजेक्ट एलीफेंट एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य हाथियों, उनके आवासों और गलियारों की रक्षा करना है। यह मानव-पशु संघर्ष के मुद्दों को भी संबोधित करता है और बंदी हाथियों के कल्याण का ध्यान रखता है।
गज सूचना ऐप के माध्यम से इन जेंटल जायंट्स का एक आनुवंशिक डेटाबेस तैयार किया गया है, जिसमें डीएनए सैंपलिंग के माध्यम से भारत भर में 300 बंदी हाथियों का डेटा उपलब्ध है। तमिलनाडु मानव-पशु संघर्ष का भी सामना करता है और साथ ही अवैध शिकार की घटनाओं और बिजली की बाड़ व रेलवे पटरियों के कारण हाथियों की मौत जैसी चुनौतियों का भी सामना करता है।
राज्य हाथियों की गतिविधियों का पता लगाने और टकराव को रोकने के लिए रेलवे पटरियों पर एआई कैमरों का भी उपयोग कर रहा है। इस दिन राज्य के 5000 स्कूलों के 12 लाख छात्र विश्व हाथी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगे।
