रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में रक्षा खरीद नियमावली (डीपीएम) 2025 जारी की। नई डीपीएम अगले महीने की पहली तारीख से प्रभावी होगी, जिससे तीनों सेनाओं और रक्षा मंत्रालय के अधीन अन्य प्रतिष्ठानों द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रुपये की राजस्व खरीद संभव हो सकेगी।
मैनुअल में संशोधन के लिए अपने मंत्रालय और एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए, श्री सिंह ने कल विश्वास व्यक्त किया कि नया मैनुअल प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा और कार्यप्रणाली में एकरूपता लाएगा। उन्होंने कहा कि यह सशस्त्र बलों को परिचालन तैयारियों के लिए आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति में भी सहायक होगा। श्री सिंह ने आगे कहा कि यह रक्षा विनिर्माण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और स्टार्ट-अप्स को और अधिक अवसर प्रदान करेगा, जिससे खरीद में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर, वित्तीय सलाहकार (रक्षा सेवाएँ) डॉ. मयंक शर्मा ने नए डीपीएम का अवलोकन प्रस्तुत किया और इस बात पर प्रकाश डाला कि सेनाओं और अन्य हितधारकों के साथ गहन परामर्श से मैनुअल कैसे तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और रक्षा सचिव भी शामिल हुए।
