उत्तर प्रदेश में, कुशीनगर के तुमकुहीराज में नारायणी नदी के तट पर आज से मॉडल रॉकेट्री/कैनसैट इंडिया छात्र प्रतियोगिता का चार दिवसीय ग्रैंड फिनाले शुरू होगा। यह भारत की सबसे बड़ी छात्र-नेतृत्व वाली अंतरिक्ष प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसका आयोजन भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) द्वारा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (ASI) के सहयोग से किया जा रहा है।
देश भर के विभिन्न संस्थानों से लगभग 600 छात्रों की कुल 71 छात्र टीमें इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कुशीनगर पहुँच चुकी हैं। इनमें से 36 टीमें कैनसैट श्रेणी में और 35 टीमें मॉडल रॉकेटरी श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करेंगी। यह प्रतियोगिता युवा नवप्रवर्तकों को 1.5 किलोमीटर की ऊँचाई पर 1 किलोग्राम के लघु उपग्रहों (कैनसैट) को स्थापित करने में सक्षम मॉडल रॉकेटों के डिज़ाइन, विकास और प्रक्षेपण के लिए एक मंच प्रदान करती है, जो वास्तविक अंतरिक्ष अभियानों का अनुकरण करते हैं। यह पहल छात्रों को पेलोड डिज़ाइन, मिशन प्रबंधन और टीम वर्क जैसे कौशलों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जो एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
देवरिया के सांसद (लोकसभा) शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि यह प्रतियोगिता क्षेत्र की कल्पनाशीलता को जागृत करेगी और अंतरिक्ष जागरूकता की संस्कृति का बीजारोपण करेगी। उन्होंने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला भी समापन समारोह की शोभा बढ़ाएँगे।
