विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है कि भारत-ब्रिटेन संबंध एक जटिल ऐतिहासिक जुड़ाव से विकसित होकर एक गतिशील और दूरदर्शी साझेदारी में बदल गए हैं। कल राष्ट्रीय राजधानी में ब्रिटेन के राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान अपने संबोधन में, डॉ. जयशंकर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दोनों देशों ने न केवल प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत सहयोग का विस्तार किया है, बल्कि कनेक्टिविटी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और महत्वपूर्ण खनिजों के संबंध में इसे और भी गहरा किया है।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ब्रिटेन के नौ प्रमुख विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर स्थापित करने की मंज़ूरी मिल गई है। उन्होंने आगे बताया कि साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय ने गुरुग्राम में अपने परिसर का उद्घाटन कर दिया है और अपने पहले छात्र समूह का स्वागत भी किया है। डॉ. जयशंकर ने ज़ोर देकर कहा कि यह ब्रिटेन में 19 लाख प्रवासी भारतीयों के अमूल्य योगदान को मान्यता देने का भी एक अवसर है। उन्होंने उन्हें एक जीवंत सेतु बताते हुए कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच एक विशेष बंधन बनाने में मदद की है।
