नई दिल्ली, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की साधारण सभा की बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पीतमपुरा (उत्तर-पश्चिम) के पार्षद अमित नागपाल ने गुरुवार को निगम की वित्तीय नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि निगम हमेशा बजट की कमी बात करता है, लेकिन 5-7 हजार करोड़ का बकाया वसूलने में पूरी तरह उदासीन है। नागपाल ने निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कई अनियमितताओं का खुलासा किया।
भाजपा पार्षद अमित नागपाल ने कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने कई स्थानों पर मॉल बनाए हैं, लेकिन न तो उनके पास किसी विभाग की स्वीकृति है और न ही निगम उनसे कोई टैक्स वसूलता है। उन्होंने बताया कि मेट्रो की पार्किंग से जुड़े मामलों पर भी केस चल रहे हैं, जिससे निगम को लगातार राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने नगर निगम में सुझाव दिया कि ऐसे मामलों को निगम को ट्रैक पर लाना चाहिए और नियम उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस रद्द किए जाएं।
उन्होनें कहा कि 30 मीटर के ऊपर कोई निर्माण नहीं होगी लेकिन पैसिफिक मॉल में 42 मीटर से ऊपर निर्माण हो रहा है, इसकी जांच की जाए।
भाजपा पार्षद ने कहा कि नालों पर बनाए गए स्लैब्स की क्वालिटी बेहद खराब है। जहां 10 एमएम की सरिया की जगह 6 या 8 एमएम की सरिया इस्तेमाल की जा रही है। सीमेंट की गुणवत्ता भी मानकों पर खरी नहीं उतरती। उन्होंने सुझाव दिया कि एक्रेलिक स्लैब्स का प्रयोग बेहतर विकल्प हो सकता है।
विज्ञापन नीति पर सुधार की मांग करते हुए अमित नागपाल ने कहा कि दुकानदारों से केवल अतिरिक्त आकार के हिसाब से ही विज्ञापन शुल्क वसूला जाए। उन्होंने बताया कि सड़क पर बने होटल के चार फुट के छज्जे पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाके स्पा सेंटर को बंद कर देना चाहिए क्योंकि इस कारण से लोगों को काफी दिक्कते होती है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर लगे 16 मीटर ऊंचे इलेक्ट्रिक पोलों को 12 मीटर किया जाए ताकि दुर्घटनाओं और अव्यवस्था से बचा जा सके।
