01 दिसम्बर, केंद्र सरकार ने शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को संसद भवन परिसर में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जबकि संचालन संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने किया।
बैठक में 36 राजनीतिक दलों के कुल 50 नेताओं ने भाग लिया। इनमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा, विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल और संसदीय कार्य एवं सूचना-प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन शामिल थे।
राजनाथ सिंह ने सभी नेताओं का स्वागत करते हुए चर्चा का एजेंडा तय किया। रिजिजू ने बताया कि शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें 19 दिनों में 15 बैठकें होंगी। सरकार ने इस सत्र के लिए 14 विधायी प्रस्तावों और अन्य कार्यसूची बिंदुओं की पहचान की है।
उन्होंने कहा कि सरकार संसदीय प्रक्रियाओं के अनुरूप, किसी भी दल द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार करने के लिए तैयार है। बैठक में उपस्थित नेताओं ने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले विषयों पर अपने सुझाव दिए और दोनों सदनों के सुचारू संचालन में सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक के अंत में राजनाथ सिंह और किरेन रिजिजू ने नेताओं को उनकी सहभागिता और फीडबैक के लिए धन्यवाद दिया।
2025 के शीतकालीन सत्र में संभावित विधायी कार्य
विधेयक
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जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025
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दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025
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मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 – अध्यादेश का स्थान लेगा
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निरसन और संशोधन विधेयक, 2025
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राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2025
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परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025
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कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2025
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प्रतिभूति बाजार संहिता (एसएमसी) विधेयक, 2025
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बीमा कानून (संशोधन) विधेयक, 2025
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मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2025
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भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक, 2025
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केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025
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स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025
वित्तीय कार्य
14. वर्ष 2025–26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के पहले बैच की प्रस्तुति, चर्चा और मतदान तथा उससे संबंधित विनियोग विधेयक।
