नई दिल्ली, 27 जनवरी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को कहा कि जैविक दवाएं पारंपरिक रासायनिक दवाओं के साथ चिकित्सा के विकल्प के रूप में उभरी हैं। वहीं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल्स (एनआईबी) यह सुनिश्चित कर रहा है कि गुणवत्ता वाले जैविक उत्पाद स्वास्थ्य प्रणाली तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि इससे सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री के मिशन को मजबूती मिल रही है।
डॉ. मंडाविया ने शुक्रवार को जैविक गुणवत्ता पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का वर्चुअल तरीके से उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की आपात परिस्थितियों में हमारे बायोफार्मा और डायग्नोस्टिक उद्योग ने न केवल देश बल्कि विश्व स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकता को पूरा किया है।
राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन जैविक उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने से जुड़े पहलुओं पर बातचीत के लिए हितधारकों, नियामक प्राधिकरणों और शिक्षाविदों को एक साथ लाता है। कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों द्वारा एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।
