17 दिसंबर । रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए विकसित भारत-गारंटी या वीबी-जी रैम जी विधेयक, 2025, लोकसभा में पेश किया गया, जिसमें ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना 125 दिनों के वेतन रोजगार की वैधानिक गारंटी का प्रस्ताव किया गया है।
यह विधेयक कल केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रस्तुत किया गया। विधेयक प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर एवं विकसित ग्रामीण समुदायों के दृष्टिकोण के अनुरूप गरीबों के कल्याण और गांवों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रस्तावित पहल पर 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है। मंत्री ने कहा कि यह विधेयक केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामों का व्यापक विकास करना है। उन्होंने बताया कि पहले जवाहर रोजगार योजना जैसी रोजगार योजनाएं मौजूद थीं, लेकिन ग्रामीण कल्याण के लिए बजट आवंटन अक्सर असमान था, जिसके कारण कई पंचायतें अविकसित रह गईं। इस समस्या के समाधान के लिए, विधेयक में पंचायतों का वर्गीकरण करने और कम विकसित एवं पिछड़ी पंचायतों को अधिक कार्य आवंटित करने का प्रस्ताव है।
एमजीएनआरईजीए का जिक्र करते हुए श्री चौहान ने कहा कि जहां पिछली यूपीए सरकार ने इस योजना पर 2.13 लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे, वहीं मौजूदा सरकार ने गरीबों के कल्याणकारी योजनाओं पर 8.53 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं और रोजगार गारंटी को मजबूत करने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि नए विधेयक में रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिसके लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
