22 दिसंबर। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) व्यापक और दूरदर्शी है, और यह द्विपक्षीय संबंधों को उच्च रणनीतिक स्तर पर ले जाएगा।
गोयल ने कहा, “न्यूजीलैंड के साथ यह मुक्त व्यापार समझौता हमारे नेताओं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसके तहत वे संबंधों को कहीं अधिक व्यापक और रणनीतिक स्तर पर ले जाना चाहते हैं। यह समझौता व्यापार से परे शिक्षा, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार, सेवाएं, पर्यटन और खेल जैसे क्षेत्रों को भी शामिल करता है।”
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि एफटीए से भारत के निर्यात को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि न्यूजीलैंड ने समझौते के लागू होने की तारीख से सभी भारतीय निर्यातों को कवर करने वाली अपनी सभी टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क बाजार पहुंच की पेशकश की है।
छात्रों और पेशेवरों के लिए इसके लाभों पर प्रकाश डालते हुए गोयल ने कहा कि यह समझौता गतिशीलता को बढ़ाएगा और शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खोलेगा।
मंत्री जी ने कहा कि आयुष, संस्कृति, मत्स्य पालन, दृश्य-श्रव्य पर्यटन, वानिकी, बागवानी और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि यह समझौता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आयुष प्रणालियों को बढ़ावा देगा, चिकित्सा महत्व वाली यात्राओं को प्रोत्साहित करेगा और भारत को वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
गोयल ने कहा, “लगभग 5,000 योग प्रशिक्षकों, रसोइयों, आयुष पेशेवरों और नर्सों को पेशेवर कार्य वीजा प्राप्त होंगे। हमने 118 सेवा क्षेत्रों को भी खोल दिया है, जिससे पर्यटन, आईटी, दूरसंचार और ऑडियो-विजुअल सेवाओं में भारतीयों की भागीदारी के अवसर पैदा होंगे।”
श्रम प्रधान क्षेत्रों को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड द्वारा 10 प्रतिशत तक के टैरिफ को समाप्त करने से, भारतीय वस्त्र और परिधान निर्यातकों को 1,057 टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क की सुविधा मिलेगी। 2024-25 में भारत का वस्त्र और परिधान निर्यात 36.9 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि न्यूजीलैंड को निर्यात बढ़कर 103 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। न्यूजीलैंड के वार्षिक वैश्विक वस्त्र आयात का मूल्य लगभग 1.9 अरब अमेरिकी डॉलर है, इसलिए इस रुझान में और तेजी आने की उम्मीद है।
