नई दिल्ली, 27 जनवरी । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दुष्कर्म और पॉस्को जैसे जघन्य मामलों में वांछित और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित अंतरिम जमानत पर छूटने के बाद फरार हो गया था और कानून से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हंर्ष इंदौरा ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपित की पहचान मटियाला एक्सटेंशन निवासी करण (33) के रूप में हुई है। आरोपित थाना बिंदापुर में दर्ज दुष्कर्म मामले में दोषसिद्ध था और 10 साल की सजा काट रहा था। पत्नी की मेडिकल स्थिति के आधार पर उसे 28 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन जमानत अवधि समाप्त होने के बाद उसने अदालत में आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार साल 2016 में आरोपित ने अपने घर पर काम करने वाली घरेलू सहायिका की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया था, जिसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ और बाद में अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई। इसके बाद साल 2022 में आरोपित ने अपनी पत्नी की सहेली के साथ भी यौन उत्पीड़न किया।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की टीम को विशेष रूप से इस आरोपित की गिरफ्तारी का जिम्मा सौंपा गया। टीम ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपित की गतिविधियों पर नजर रखी। इस दौरान सिपाही मुकेश को पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि आरोपित गुरुग्राम (हरियाणा) के घामरोज टोल प्लाजा के पास टोल रोड पर आने वाला है। इसके बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाया और आरोपित को मौके से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह 12वीं पास है और पहले कॉल सेंटर में काम करता था। पुलिस के अनुसार, वह आदतन और शातिर यौन अपराधी है, जो भरोसे, नजदीकी संबंधों और पीड़ितों की कमजोर स्थिति का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देता था।
