LONDON, ENGLAND - JUNE 02: Demis Hassabis speaks onstage during the Frontiers of AI with Demis Hassabis, DeepMind and Francine Laqua, Anchor and Editor-At-Large panel discussion on day one of SXSW London 2025 at Truman Brewery on June 02, 2025 in London, England. (Photo by Jack Taylor/Getty Images for SXSW London)
गूगल डीपमाइंड के सीईओ और को-फाउंडर डेमिस हसाबिस ने बुधवार को कहा कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) आने वाले पांच से आठ वर्षों में तेजी से बढ़ेगा और एआई इंडस्ट्री भारतीय युवाओं के लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।
बीते एक दशक में एआई में हुई प्रगति काफी शानदार है
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में पैनल चर्चा के दौरान बोलते हुए, उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में एआई में हुई प्रगति काफी शानदार है। यह समिट ऐसे समय पर हो रही है, जब दुनिया तेजी से ऑटोनॉमस सिस्टम की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट जैसे ग्लोबल प्लेटफॉर्म को काफी जरूरी बताया, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक साथ लाते हैं।
दुनिया वैज्ञानिक खोजों के “स्वर्ण युग” में प्रवेश कर रही है
हसाबिस ने एआई विकास के वर्तमान चरण को ‘महत्वपूर्ण मोड़’ बताया। उनके अनुसार, दुनिया वैज्ञानिक खोजों के “स्वर्ण युग” में प्रवेश कर रही है, एआई एक बिल्कुल नए युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि रीइन्फोर्समेंट लर्निंग इसलिए सफल रही है क्योंकि “सीखना ही कुंजी है, प्रोग्रामिंग नहीं।”
उन्होंने बताया कि सिस्टम को सीधे डेटा से सीखने की अनुमति देना ही आधुनिक एआई को शक्तिशाली बनाता है। गूगल डीपमाइंड के सीईओ के अनुसार, एआई में प्रगति कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने में मदद कर सकती है और मानव प्रगति के एक नए चरण की शुरुआत कर सकती है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में राष्ट्राध्यक्ष और सरकारी अधिकारी, मंत्री, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेता, बड़े शोधकर्ता, बहुपक्षीय संस्थान और उद्योग जगत के हितधारक एक साथ मिलकर समावेशी विकास को बढ़ावा देने, सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करने और सतत विकास को सक्षम बनाने में एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श करेंगे। यह शिखर सम्मेलन वैश्विक दक्षिण में इस विषय पर आयोजित होने वाला पहला ऐसा वैश्विक सम्मेलन है।
पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख तथा 60 मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा, सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद और शोधकर्ता सहित 500 से अधिक वैश्विक एआई नेता भी इसमें शामिल होंगे।
