धमतरी, 18 फ़रवरी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नक्शा प्रोजेक्ट’ के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित नगर पालिक निगम धमतरी में शहरी भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक की मदद से निगम क्षेत्र के 29.4 वर्ग किलोमीटर में फैले 40 वार्डों का सर्वे कर भूमि रिकॉर्ड को अद्यतन किया जा रहा है।
इस परियोजना का उद्देश्य भूमि संबंधी विवादों को कम करना, स्वामित्व रिकॉर्ड को स्पष्ट बनाना तथा पारदर्शी और सुव्यवस्थित शहरी नियोजन को बढ़ावा देना है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में राजस्व एवं नगर निगम की टीम द्वारा भूस्वामियों की उपस्थिति में मकान, भवन और संस्थानों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।परियोजना के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और मुनादी कर जागरूकता बढ़ाई गई है, जिससे लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है और आपत्तियों की संभावना न्यूनतम रही है।अधिकारियों के अनुसार, कार्य को तय समय-सीमा में त्रुटिरहित पूरा करने के लिए विशेष दल गठित किए गए हैं। 17 फरवरी 2026 तक कुल 17,635 प्रविष्टियां दर्ज की जा चुकी हैं। यूनिटवार प्रगति में धमतरी ओल्ड यूनिट में 2,207, सर्वे यूनिट-2 में 125, यूनिट-3 में 255, यूनिट-4 में 612, यूनिट-5 में 649, यूनिट-6 में 647, यूनिट-7 में 179, यूनिट-8 में 397 तथा यूनिट-9 में 292 प्रविष्टियां दर्ज हुई हैं।अन्य क्षेत्रों में बठेना में 3,388, गोकुलपुर में 3,147, हटकेश्वर में 2,615 तथा सोरिदभाठा में 3,122 प्रविष्टियां पूर्ण की गई हैं। कुल मिलाकर 17,635 प्रविष्टियों के साथ सर्वे और डिजिटाइजेशन का कार्य निरंतर प्रगति पर है।नक्शा प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन से भविष्य में संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आएगी और शहरी विकास योजनाओं को नई दिशा मिलेगी।
