नई दिल्ली, 01 फरवरी । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बजट और वित्त विधेयक पेश किया। विधेयक पेश होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
बजट के पूर्व केंद्रीय मंत्रिमंडल की संसद में ही बैठक हुई जिसमें इसे मंजूरी प्रदान की गई। इसके बाद वित्त मंत्री ने लोकसभा में अपना बजट भाषण पढ़ा। वित्त मंत्री का यह पांचवा बजट भाषण था और यह दूसरी बार है जब वे इसकी डिजिटल प्रति लेकर संसद पहुंची थीं।
करीब एक घंटा 25 मिनट के बजट भाषण में उन्होंने अमृत काल का विजन रखा। उन्होंने बताया कि युवाओं सहित नागरिकों के लिए अवसर, रोजगार सृजन और मजबूत एवं स्थिर सूक्ष्म आर्थिक वातावरण पर बजट में ध्यान केंद्रित किया गया है। आने वाले समय में महिलाओं, हस्तशिल्पियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों, पर्यटन और हरित विकास के लिए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने सात प्राथमिकताओं का जिक्र किया जिसे उन्होंने ‘सप्तऋषि’ कहकर संबोधित किया। इसमें समावेशी विकास, अंतिम पंक्ति तक पहुंच, ढांचागत निर्माण और निवेश, हरित विकास, वित्तीय क्षेत्र, यूथ पावर शामिल रहा। उन्होंने मोटा अनाज के लिए ‘श्री अन्न’ शब्द का प्रयोग किया और उन्हें बढ़ावा देने की बात कही।
बजट पेश करने के दौरान एक स्थान पर सीतारमण की जुबान फिसल गई। वे ओल्ड व्हीकल के बदले रिमूव ओल्ड पॉलिटिकल व्हीकल बोल गईं और फिर कहा- सॉरी, ओल्ड पॉल्यूटेड व्हीकल। इससे थोड़े समय के लिए सदन का महौल हास्य से भर गया।
वित्त मंत्री के इस बार का भाषण सीधा और स्पष्ट रहा। किसी उदाहरण और शेरो शायरी का उन्होंने उपयोग नहीं किया। वित्त मंत्री ने बुधवार को प्रस्ताव किया कि केंद्र कर्नाटक में अपर भद्रा परियोजना के लिए 5,300 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करेगा। राज्य में चुनाव होने हैं और इसका जिक्र आते ही सदन में हो हल्ला हुआ। इसके अलावा उन्होंने ढांचागत विकास पर सरकार के परिव्यय बढ़ाने की बात कही तो सदन में मोदी-मोदी के नारे लगे। वहीं इसके उलट कांग्रेस ने भारत जोड़ो-भारत जोड़ो कहना शुरू कर दिया।
वित्त मंत्री ने जेल में बंद गरीबों को जमानत देने में वित्तीय मदद का आश्वासन दिया जिसपर सदन में जोर-जोर से तालियां बजीं। इसके अलावा व्यक्तिगत कर में छूट की घोषणा के बाद भी सदन प्रशंसा में गूंजायमान हुआ। बजट पर अपना भाषण देने के बाद उन्होंने वित्त विधेयक संसद में रखा। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया।
