जनता की भारी प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार ने भारत जनजाति महोत्सव 2026 की अवधि बढ़ाकर 5 अप्रैल तक कर दी है। जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य देशभर के आदिवासी कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए बाजार पहुंच और आजीविका के अवसरों को और मजबूत करना है। विस्तारित कार्यक्रम के तहत, TRIFED कल एक वन धन सम्मेलन का आयोजन करेगा। सम्मेलन का उद्घाटन जनजातीय मामलों के मंत्री दुर्गादास उइके करेंगे। इसमें सतत आजीविका, लघु वन उत्पादों में मूल्यवर्धन, बाजार संपर्क और आदिवासी उद्यमशीलता को मजबूत करने पर केंद्रित पांच सत्र होंगे।
मंत्रालय ने कहा कि इस विस्तार से कारीगरों और उत्पादकों को उपभोक्ताओं के साथ सीधा संपर्क बनाए रखने में मदद मिलेगी, जिससे आदिवासी उत्पादों की बेहतर कीमत सुनिश्चित होगी और उन्हें व्यापक पहचान मिलेगी। इससे आगंतुकों को आदिवासी भारत की विविध सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों का अनुभव करने का भी अधिक अवसर मिलेगा। नई दिल्ली स्थित सुंदर नर्सरी में आयोजित यह महोत्सव इस महीने की 18 तारीख से शुरू हुआ और पारंपरिक शिल्प, हथकरघा, व्यंजन और उद्यम सहित देश की समृद्ध आदिवासी विरासत को प्रदर्शित करने वाले एक जीवंत राष्ट्रीय मंच के रूप में उभरा है। मंत्रालय ने बताया कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं, जिनमें एक हजार से अधिक आदिवासी कारीगर, वन धन विकास केंद्र (VDVK), आदिवासी रसोइये और देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांस्कृतिक दल शामिल हैं।
