रायगढ़ । चार में केवल एक मांग ही पूरा होने पर न्याय नहीं मिलने से सहारा पीड़ित फिर से विरोध प्रदर्शन करेंगे। ऐसे में अपनी अब 3 मांगों को लेकर हिन्दू शक्ति ने 25 सहारा निवेशकों के साथ 11 फरवरी को गांधी प्रतिमा के सामने भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।
सहारा इंडिया कंपनी से अपनी जमापूंजी पाने के लिए निवेशकों ने आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। बीते दिनों विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक दलों से समर्थन मिलने के बाद उत्साहित निवेशक फिर सडक़ पर उतरकर अपनी लड़ाई लडऩे का मन बना चुके हैं। सहारा से बेसहारा हुए पीडि़तों को लेकर राष्ट्रवादी हिन्दू शक्ति के सामाजिक कार्यकर्ता नरेश कंकरवाल ने बुधवार दोपहर एसडीएम गगन शर्मा को आवेदन सौंपते हुए एक दिवसीय भूख हड़ताल की पूर्व सूचना दी।
नरेश का कहना है कि कई मर्तबे भूख हड़ताल से लेकर आमरण अनशन करने के बावजूद सहारा पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा। प्रशासन के समक्ष उन्होंने 4 मांगें रखी थी, जिसमें केवल 1 ही पूरी हो पाई है। ऐसे में पुलिस प्रशासन के लचर रवैय्ये से क्षुब्ध पीड़ितों ने जमापूंजी वापस नहीं होने के डर और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण 25 निवेशक आगामी 11 फरवरी को शहर के गांधी प्रतिमा के सामने एक दिवसीय भूख हड़ताल करने की अनुमति मांगी है।
सहारा पीड़ित विकास निगानिया ने मांगों का खुलासा करते हुए बताया कि रायगढ़ जिले के निवेशकों का सम्पूर्ण भुगतान, 64 मैनेजर्स और डायरेक्टरों की तत्काल गिरफ्तारी, करुणेश अवस्थी को ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया जाए तथा आरोपियों की सम्पत्ति कुर्क कर निवेशकों के लिए जिला प्रशासन मुहिम चलाते हुए रकम वापसी का मार्ग प्रशस्त करे। एसडीएम को आवेदन देने वालों में नरेश कंकरवाल के साथ सहारा पीड़ितों में धरनीधर बाजपेयी, विकास निगानिया, रमाशंकर दुबे, लक्ष्मी कनेरी, आशा बंदे, उषा केंवट, ज्योति सारथी, खिरो मिर्धा, सुरजीत देवांगन, खेमचंद महावर, बिहारी राजपूत प्रमुख रूप से शामिल हैं।
