ईमेल के जरिए लोगों से ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं.मार्केटिंग वाले ईमेल से अलग स्कैम वाले ईमेल आपका डेटा या पैसा चुराने के लिए भेजा जाता है. अगर जरा-सी लापरवाही कर ली जाए तो इससे आपको बड़ा नुकसान हो सकता है. अब एआई आने के बाद ऐसे मामलों की संख्या और बढ़ गई है. स्कैमर्स अब अलग-अलग तरीके के ईमेल भेजकर लोगों को टारगेट करने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए अलर्ट रहना बहुत जरूरी है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि स्कैम वाले ईमेल्स की क्या निशानियां होती हैं.
कैसे पहचानें स्कैम वाले ईमेल?
लिखने के तरीके में गड़बड़
प्रोफेशनल ईमेल में एकदस सही स्पेलिंग, ग्रामर और स्टाइल फॉर्मेटिंग होती है और इसमें सिर्फ ज्यादातर काम की बातें लिखी होती हैं. स्कैम वाले ईमेल इस मामले में एकदम अलग होते हैं. इसमें स्पेलिंग और ग्रामर की कई गलतियां मिल सकती हैं. साथ ही इसमें आपको किसी एक्शन की तरफ पुश किया जाएगा.
जल्दबाजी की सेंस
फिशिंग ईमेल की एक बड़ी निशानी यह होती है कि ये जल्दबाजी की सेंस क्रिएट कर देते हैं. इसमें ‘अर्जेंट एक्शन रिक्वायर्ड’ या ‘रिस्पॉन्ड इमिडिएटली’ जैसे फ्रेज का यूज किया होता है. कई ईमेल में डेडलाइन भी दी होती है और इनकी टोन ऐसी होती है कि डेडलाइन मिस होने पर बड़ा नुकसान हो जाएगा. इसलिए ऐसे ईमेल पर तुरंत रिप्लाई देने या किसी लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए. यह जरूर देखें कि ईमेल के जरिए कोई आपके पर्सनल या फाइनेंशियल डेटा को तो एक्सेस नहीं करना चाह रहा है.
डोमेन पर भी दें ध्यान
कई स्कैमर बड़ी कंपनियों के नाम पर ईमेल भेजकर लोगों को टारगेट करने की कोशिश करते हैं. इसलिए ये बड़ी कंपनियों के नामों से मिलता-जुलता डोमेन नेम यूज करते हैं. कई बार गलत स्पेलिंग के साथ भी ऐसे डोमेन यूज कर लिए जाते हैं. इसलिए यह जरूर देखें कि ईमेल में यूज हुए डोमेन की स्पेलिंग क्या है. अगर स्पेलिंग में जरा भी गड़बड़ लगे तो अलर्ट हो जाएं.
लिंक और QR कोड की मौजूदगी
फिशिंग और स्कैम वाले ईमेल का मेन टारगेट यूजर से किसी लिंक पर क्लिक करवाना होता है. इसलिए ऐसे ईमेल में आपको लिंक या QR कोड देखने को मिल जाएगा. इसलिए अगर आपको किसी अनजान सोर्स से लिंक या QR कोड वाला ईमेल मिला है तो लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें. इसी तरह QR कोड को भी स्कैन करने से बचना चाहिए.
